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राजस्थानः मोदी लहर के सामने कांग्रेस के ये पांच दिग्गज भी नहीं टिक सके, राहुल गांधी देख रहे थे क्लीन स्वीप का ख्वाब

By रामदीप मिश्रा | Updated: May 24, 2019 09:01 IST

राजस्थान में कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी। सूबे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी क्लीन स्वीप का ख्वाब देख रहे थे। यहां तक कि जिन दिग्गजों पर पार्टी ने पूरा विश्वास जताया था वह भी धराशायी हो गए।

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ठळक मुद्देकांग्रेस ने जोधपुर लोकसभा सीट पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को मैदान उतारा था। बाड़मेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को टिकट दिया था। टोंक-सवाईमाधोपुर सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बदल दिया था और अपने दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री नमो नारायण मीणा को टिकट दिया था।

राजस्थान में लोकसभा की सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कब्जा जमाया है। यहां पार्टी ने 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि एक सीट गठबंधन के सहयोगी दल के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के लिए छोड़ दी थी। सभी सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमाया। वहीं, कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी। सूबे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी क्लीन स्वीप का ख्वाब देख रहे थे। यहां तक कि जिन दिग्गजों पर पार्टी ने पूरा विश्वास जताया था वह भी धराशायी हो गए। आइए आपको बताते हैं उन पांच दिग्गजों के नाम जिनपर पार्टी को था पूरा भरोसा...

वैभव गहलोत 

कांग्रेस ने जोधपुर लोकसभा सीट पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को मैदान उतारा था। वहीं, यहां से केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सांसद हैं। बीजेपी ने इस बार भी गजेंद्र सिंह शेखावत पर ही दांव आजमाया था और उन्हें विजय हासिल हुई। गजेंद्र सिंह शेखावत ने वैभव गहलतो को 2 लाख, 74 हजार, 440 वोटों के अतंर से हराया। कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसकी झोली में यह सीट आसानी से आ जाएगी। 

मानवेंद्र सिंह

बाड़मेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को टिकट दिया था। उनकी टक्कर बीजेपी के कैलाश चौधरी से थी। मानवेंद्र मोदी लहर के आगे टिक नहीं सके। कांग्रेस ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इस सीट पर उसका इतना बुरा हाल होगा। कैलाश चौधरी ने 3 लाख, 23 हजार, 808 वोटों के अंतर से मानवेंद्र सिंह को हराया। 

नमो नारायण मीणा

टोंक-सवाईमाधोपुर सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बदल दिया था और अपने दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री नमो नारायण मीणा को टिकट दिया था। बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर ही भरोसा जताया था। बीजेपी ने यहां नमो नारायण मीणा को 1 लाख, 11 हजार, 291 वोटों से हराया है। कांग्रेस को यहां भी मुंह की खानी पड़ी है।

प्रमोद शर्मा

कांग्रेस ने लोकसभा 2019 में बड़ा दांव खेलते हुए झालावाड़-बारां सीट पर प्रमोद शर्मा पर भरोसा जताया था। कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद शर्मा राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उनके सामने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे व वर्तमान सांसद दुष्यंत सिंह थे। दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद शर्मा को एक बड़े अतंर से हराया। उन्होंने 4 लाख, 53 हजार, 928 वोटों के अंतर से कांग्रेस को हराया।

गोपाल सिंह इडवा 

चितौड़गढ़ लोकसभा सीट पर इस बार कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बदल दिया था और गोपाल सिंह इडवा को मैदान में उतारा था। वहीं, बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद सीपी जोशी पर ही भाग्य आजमाया था। गोपाल सिंह इडवा को बीजेपी ने करारी शिकस्त दी। उन्हें 5 लाख, 76 हजार, 247 वोटों के अंतर से सीपी जोशी ने हराया। कांग्रेस को सूबे में बुरी हार का सामना करना पड़ा है। 

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