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पुलवामा हमले के एक हफ्ते पहले ही परिवार के साथ छुट्टियां मनाकर कश्मीर लौटे थे वसंत कुमार,घरवालें नहीं कर पा रहे हैं यकीन

By भाषा | Updated: February 15, 2019 16:59 IST

पुलवामा आतंकी हमले में 49 जवान शहीद हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

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 जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर गुरूवार को हुए फिदायीं हमले में शहीद हुए जवान वी वी वसंत कुमार महज एक हफ्ते पहले ही परिवार के साथ छुट्टियां मनाकर ड्यूटी पर लौटे थे।

वसंत कुमार केरल के वायनाड जिले के सुदूर लक्कीड़ी स्थित अपने घर में अपने परिजन के साथ पांच दिन बिताने के बाद कश्मीर में अपनी नई तैनाती पर सेवाएं देने लौटे ही थे कि आतंकवादी हमला हो गया। इस हमले में वसंत सहित सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हुए हैं। वसंत का परिवार यकीन नहीं कर पा रहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहे।

परिवार के लिए यह दूसरा झटका है, क्योंकि वसंत के पिता वासुदेवन का छह महीने पहले ही निधन हुआ है। वसंत के चचेरे भाई सजीवन ने कहा कि तरक्की और बटालियन में बदलाव के बाद उनके भाई की कश्मीर में तैनाती हुई थी। इससे पहले वह पंजाब में सेवाएं दे रहे थे। वह पांच दिन की छुट्टी पर अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए आए थे।

वी.वी वसंत कुमार के पिता का छह महीने पहले ही हुआ था देहांत 

अपने परिवार के साथ समय बिताने के बाद वसंत आठ फरवरी को कश्मीर के लिए रवाना हो गए थे। सजीवन ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मेरा बड़ा भाई देश के लिए शहीद हुआ है और हमें उनकी शहादत पर गर्व है।’’

उन्होंने कहा कि वसंत की मां शांता और पत्नी शीना का रो-रोकर बुरा हाल है जबकि उनके दो बच्चे - बेटा अमनदीप (5) और बेटी अनामिका (8) - को इस बारे में नहीं बताया गया है।सजीवन ने कहा, ‘‘जब वह यहां थे तो हर कोई बहुत खुश था। परिवार सर्कस देखने के लिए गया था। बच्चे अपने पिता का साथ पाकर काफी खुश थे। बच्चों को इस त्रासदी के बारे में नहीं बताया गया है। वह नुकसान को नहीं समझ पाएंगे।’’

परिवार को टीवी पर दिखाई जा रही खबरों से घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी नहीं सोचा था कि जान गंवाने वालों में हमारा अपना कोई शामिल होगा।’’ परिवार को वसंत के पार्थिव शरीर का इंतजार है।

2 साल बाद होने वाले थे सेवानिर्वित 

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई ने बल को 17 साल तक सेवाएं दी हैं और उनकी सेवानिवृति में सिर्फ दो साल का वक्त बाकी रह गया था। उन्हें तरक्की मिली थी और वे नई जिम्मेदारी संभालने कश्मीर गए थे।’’सजीवन ने कहा कि कश्मीर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने परिवार को बताया था कि वह कश्मीर पहुंच गए हैं और इसके दो घंटे के भीतर ही धमाका हो गया।

आज सुबह जिले के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) वसंत के घर आए और कहा कि राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत जवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पी विजयन ने वसंत के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

विजयन ने शोक संदेश में कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ हैं।’’ जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरूवार को सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकवादी हमले में इस अर्धसैनिक बल के कम से कम 40 जवान शहीद हुए हैं।

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