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कोरोना वैक्सीन को लेकर खुशखबरीः केंद्र सरकार ने कहा-जल्द शुरू होगा उत्पादन, वैज्ञानिकों की हरी झंडी का इंतजार

By एसके गुप्ता | Updated: December 8, 2020 20:53 IST

तीन वैक्सीन प्री-क्लीनिकल स्टेज में हैं और 6 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल में हैं। ये 2-3 डोज वाले वैक्सीन हैं, अधिकांश 2 डोज वाले वैक्सीन हैं। हर डोज़ के बीच की दूरी 3-4 हफ़्ते की है।

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ठळक मुद्देसितंबर के मध्य से भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में लगातार गिरावट।देश में केस पॉजिटिविटी लगातार घट रही है और कुल पॉजिटिविटी रेट 6.5% है।

नई दिल्लीः कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ी खुशखबरी यह है कि पहली बार केंद्र सरकार ने खुलकर कहा है कि कुछ सप्ताह में वैक्सीन आ सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक ने ‘कोवाक्सीन’ कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए आवेदन दिया है।

देश में छह वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। कुछ वैक्सीन को अगले कुछ सप्ताह में अप्रूवल दिया जा सकता है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी वैक्सीन निर्माता दवा कंपनियों का दौरा कर उनके साथ बात कर चुके हैं। राजेश भूषण ने कहा कि हमें हमारे वैज्ञानिकों की ओर से हरी झंडी मिल जाए, तो हम वैक्सीन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू कर देंगे।

हर एक शख्स तक उसे उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी कर रखी

हमने वैक्सीन के उत्पादन और कम से कम समय में हर एक शख्स तक उसे उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी कर रखी है। उन्होंने कहा कि देश में वैक्सीन प्रबंधन के लिए इस साल अगस्त में राष्ट्रीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया था।

यह विशेषज्ञ दल जनसंख्या समूहों, वैक्सीन खरीद और सूची प्रबंधन, टीका चयन, टीका वितरण और ट्रैकिंग तंत्र के प्राथमिकीकरण को लेकर मार्गदर्शन कर रहा है। टीकाकरण के लिए कोविन एप बनाया गया है। वैक्सीन लगने के बाद डिजिलॉकर में टीकाकरण का प्रमाण पत्र आएगा।

टीकाकरण को लेकर कहा कि यह केवल एक राज्य या केंद्र की जिम्मेदारी नहीं

उन्होंने टीकाकरण को लेकर कहा कि यह केवल एक राज्य या केंद्र की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें जनता की भागीदारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोल्डचैन की तैयारी के तहत प्रथम चरण में तीन करोड़ हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा।

देश में कोरोना के ऐक्टिव केस 4 लाख से भी कम रह गए हैं। यह कुल केस का 4 फीसदी से भी कम है। केस पॉजिटिविटी रेट भी घट रहा है। देश के पांच राज्यों में 54 फीसदी ऐक्टिव केस हैं।इनमें महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और दिल्ली शामिल हैं। संक्रमण के मामलों में अगर बड़े देशों से भारत की तुलना करें तो वहां भारत से सात-आठ गुना ज्यादा मामले हैं। 

कोरोना टास्क फोर्स के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य डा. वी के पॉल ने कहा कि भारत अपने देश वासियों की जरूरत के मुताबिक वैक्सीन उत्पादन में पूरी तरह से सक्षम है। इसके अलावा हम अन्य देशों को भी वैक्सीन आपूर्ति करने में सक्षम हैं। थोड़े दिनों की बात है। 

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