Political storm after killing five people during election in Bengal | बंगाल में चुनाव के दौरान पांच लोगों की हत्या के बाद राजनीतिक तूफान
बंगाल में चुनाव के दौरान पांच लोगों की हत्या के बाद राजनीतिक तूफान

कोलकाता/कूचबिहार, दस अप्रैल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान पहली बार बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बाद राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है। शनिवार को 44 सीटों पर चौथे चरण के चुनाव में सीआईएसएफ कर्मियों की गोलीबारी में चार लोगों की मौत सहित पांच लोग मारे गए, जबकि पांच उम्मीदवारों पर हमला किया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि चौथे चरण में शाम पांच बजे तक 1.15 करोड़ मतदाताओं में से करीब 76.16 फीसदी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में स्थानीय लोगों ने केंद्रीय बल के कर्मियों से ‘‘राइफल छीनने का प्रयास’’ किया जिसके बाद सुरक्षा बलों की गोलीबारी में चार लोग मारे गए।

निर्वाचन आयोग ने सीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 126 पर वोटिंग की प्रक्रिया रोक दी जहां चुनाव के दौरान गोलीबारी की घटना हुई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक गांव में अपने ऊपर हुए हमले के बाद सीआईएसएफ जवानों ने गोलीबारी की जिसमें चार लोग मारे गए। वहां झड़प हुई और स्थानीय लोगों ने उनका घेराव कर दिया और उनकी राइफलें छीनने की कोशिश की जिसके बाद केंद्रीय बलों ने गोलियां चलाई। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।’’

चुनाव आयोग ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन आयोग के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि 350 से 400 लोगों की भीड़ ने केंद्रीय बलों का घेराव किया जिसके बाद ‘‘आत्मरक्षा’’ में उन्हें गोलियां चलानी पड़ीं।

इस घटना के बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी जहां बम चले जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया।

एक अन्य घटना में सीतलकूची के पठानतुली में मतदान केंद्र संख्या 85 के बाहर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष हो गया जिसमें 18 वर्षीय आनंद बर्मन की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस हफ्ते की शुरुआत में सीतलकूची इलाके में पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला किया गया।

हिंसा की घटनाओं के बीच निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि राज्य में शेष चार चरणों के चुनाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 71 अतिरिक्त कंपनियों को वहां भेजे।

अभी तक राज्य में 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए एक हजार कंपनियां तैनात हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कूचबिहार जिले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए निर्वाचन आयोग से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर चुनावों के दौरान हिंसा फैलाने का आरोप लगाया।

यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भ्रष्टाचार सहित अन्य मुद्दों पर आड़े हाथों लेते उन पर लोगों को केंद्रीय सुरक्षाबलों के खिलाफ उकसाने और चुनाव प्रक्रिया में रोड़े अटकाने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘कूचबिहार में जो हुआ है, वह बहुत ही दुखद है। जिन लोगों की मृत्यु हुई है, मैं उनके निधन पर दुख जताता हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘भाजपा के पक्ष में जन समर्थन देखकर ‘दीदी’ और उनके गुंडों में बौखलाहट हो रही है। अपनी कुर्सी जाते देख दीदी इस स्तर पर उतर आई हैं, लेकिन मैं दीदी को, टीएमसी को और उनके गुंडों को साफ-साफ कह देना चाहता हूं कि अब उनकी मनमानी बंगाल में नहीं चलने दी जाएगी।’’

प्रधानमंत्री ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया, ‘‘कूचबिहार में जो हुआ, उसके दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।’’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूच बिहार के सीतलकूची में केंद्रीय सुरक्षा बलों की गोलीबारी में शनिवार को चार लोगों के मारे जाने की घटना के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा।

बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस तरह की घटना की आशंका थी। उन्होंने कहा, ‘‘इतने लोगों की हत्या के बाद वे (चुनाव आयोग) कह रहे हैं कि गोलीबारी आत्मरक्षा में की गई। उन्हें शर्म आनी चाहिए।’’

उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले में एक रैली में कहा, ‘‘यह झूठ है... केंद्रीय बलों ने मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों पर गोलीबारी की, सीतलकूची में चार लोगों की हत्या कर दी गई। मुझे लंबे समय से आशंका थी कि सुरक्षा बल इस तरह के कृत्य करेंगे। चूंकि भाजपा जानती है कि वह जनादेश खो चुकी है इसलिए वे लोगों की हत्या करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की सीआईडी जांच की जाएगी।

इस बीच टीएमसी के एक उम्मीदवार और भाजपा के चार उम्मीदवारों पर राज्य के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में हमले किए गए।

उत्तर बंगाल के दिनहाटा में टीएमसी उम्मीदवार उदयन गुहा पर कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमले किए।

बेहाला पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार और अभिनेत्री पायल सरकार की कार में कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की। बहरहाल, वह बाल-बाल बच गईं।

हुगली जिले के चुचुरा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार और लोकसभा की सांसद लॉकेट चटर्जी पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनके वाहन में तोड़फोड़ की। बहरहाल, राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने आरोपों से इंकार किया है।

हावड़ा जिले के बैली सीट भाजपा उम्मीदवार बैशाली डालमिया के काफिले पर हमला किया गया और बदमाशों ने उनके एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।

कोलकाता के कसबा सीट से भाजपा उम्मीदवार इंद्रनील खान को टीएमसी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र के गांगुली बागान इलाके में माकपा उम्मीदवार सुजान चक्रवर्ती के बूथ एजेंट पर एक ‘‘फर्जी मतदाता’’ ने कथित तौर पर हमला कर दिया। उसने एजेंट पर मिर्ची का पाउडर फेंक दिया।

इस घटना के बाद उस स्थान पर केंद्रीय पुलिस बल की एक टुकड़ी भेजी गयी।

दक्षिण 24 परगना जिले के बांगोर में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होने की खबर है। वहीं हुगली के चंडीतला में एक मतदान केंद्र के बाहर माकपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गये।

वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने हिंसा की घटना की निंदा की और ‘‘चुनावी माहौल खराब करने के लिए’’ टीएमसी और भाजपा दोनों को जिम्मेदार ठहराया।

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