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देश की बहुमूल्य संपत्तियां अपने उद्योगपति मित्रों को ‘उपहार’ में दे रहे हैं प्रधानमंत्री : राहुल

By भाषा | Updated: August 24, 2021 22:02 IST

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) की घोषणा को मंगलवार को युवाओं के ‘भविष्य पर आक्रमण’ करार दिया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 70 साल में जनता के पैसे से बनी देश की बहुमूल्य संपत्तियों को अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को ‘उपहार’ के रूप में दे रहे हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि एनएमपी से कुछ कंपनियों का एकाधिकार हो जाएगा जिस कारण देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पायेगा। राहुल गांधी ने एनएमपी के मुद्दे पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल एवं रणदीप सुरजेवाला के साथ संवाददाताओं को संबोधित किया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी जी और भाजपा का नारा था कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ। लेकिन वित्त मंत्री ने कल 70 साल में जो पूंजी बनी थी, उसे बेचने का फैसला किया। मतलब यह है कि प्रधानमंत्री ने सबकुछ बेचने की तैयारी कर ली है।’’ उन्होंने एनएमपी का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘इन संपत्तियों को बनाने में 70 साल लगे हैं और इनमें देश की जनता का लाखों करोड़ों रुपये लगे हैं। अब इन्हें तीन-चार उद्योगपतियों को उपहार में दिया जा रहा है।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ हम निजीकरण के खिलाफ नहीं है। हमारे समय निजीकरण विवेकपूर्ण था। उस समय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संपत्तियों का निजीकरण नहीं किया जाता था। जिन उद्योगों में बहुत नुकसान होता था, उसका हम निजीकरण करते थे।’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ यह सब, कुछ कंपनियों का एकाधिकार बनाने के लिए किया जा रहा है। जैसे ही इनका एकाधिकार बढ़ेगा, वैसे ही रोजगार कम होगा। नरेंद्र मोदी जी अपने दो-तीन उद्योगपति मित्रों के साथ युवाओं के भविष्य पर आक्रमण कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कोरोना के बारे में बोला था, आप लोगों ने मजाक उड़ाया। ठीक है, मैं फिर से बोल रहा हूं। हिंदुस्तान के युवा , आप अच्छी तरह सुन लीजिए- जैसे ही ये (एनएमपी) होगा, वैसे आपको रोजगार मिलने का मौका खत्म हो जाएगा।’’ चिदंबरम ने आरोप लगाया कि सरकार का कदम एक ‘स्कैंडल’ है जिस पर देश को चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ सरकार को बताना चाहिये कि उसके इस कदम का आधार क्या है, इसका लक्ष्य क्या है? आधार और लक्ष्य तय करने के बाद इस तरह का बड़ा कदम उठाना चाहिए था। क्या कर्मचारियों और दूसरे संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया गया था?’’ चिदंबरम ने दावा किया कि 70 साल में बनी संपत्तियों को बेचा जा रहा है और इस कदम के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कोई इकाई निजी हाथ में जाने से सुरक्षित नहीं रह पायेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में तीन बार 100 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय आधारभूत पाइपलाइन की घोषणा की। लेकिन आप इससे (एनएमपी) चार साल में छह लाख करोड़ रुपये एकत्र करेंगे। जबकि 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है। बहुत जादूगर हैं, लेकिन यह सरकार अलग तरह की जादूगर है।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘यह एक स्कैंडल है। लोगों, यूनियिनों, कर्मचारियों, छात्र संगठनों, युवा संगठनों और सभी को इस पर चर्चा करनी चाहिए। हम संसद में चर्चा करना चाहेंगे, लेकिन सरकार के लोग ऐसा नहीं होने देंगे। इसलिए आप बाहर चर्चा करिये।’’ गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को छह लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) की घोषणा की। इसके तहत यात्री ट्रेन, रेलवे स्टेशन से लेकर हवाई अड्डे, सड़कें और स्टेडियम का मौद्रिकरण शामिल हैं। इन बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निजी कंपनियों को शामिल करते हुए संसाधन जुटाये जायेंगे और संपत्तियों का विकास किया जायेगा। निजी निवेश हासिल करने के लिए चेन्नई, भोपाल, वाराणसी एवं वडोदरा सहित भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के करीब 25 हवाई अड्डे, 40 रेलवे स्टेशनों, 15 रेलवे स्टेडियम और कई रेलवे कॉलोनी की पहचान की गयी है। इन्हें निजी क्षेत्र के निवेश से विकसित किया जायेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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