लाइव न्यूज़ :

हाथरस दुष्कर्म कांड के बाद सांप्रदायिक दंगे एवं आतंक फैलाना चाहती थी पीएफआई : ईडी

By भाषा | Updated: February 11, 2021 21:41 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 11 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और इसकी छात्र इकाई के खिलाफ धनशोधन के मामले में पहला आरोप पत्र दखिल किया है।

ईडी ने आरोप पत्र में दावा किया है कि संगठन के सदस्य पिछले साल हाथरस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद ‘ सांप्रदायिक दंगे भड़काना एवं आतंक’ फैलाना चाहते थे।

केंद्रीय एजेंसी 2018 से ही पीएफआई की जांच कर रही है। पीएफआई का 2006 में केरल में गठन किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

ईडी ने हाल में इस इस्लामिक संगठन की जांच संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के कथित वित्त पोषण एवं पिछले साल दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में भूमिका को लेकर शुरू की है।

अभियोजक शिकायत या आरोप पत्र बुधवार को लखनऊ की पीएमएलए अदालत में धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया।

आरोप पत्र में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनमें पीएफआई सदस्य एवं इसकी छात्र इकाई कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के राष्ट्रीय महासचिव के ए रउफ शरीफ, सीएफआई के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतीकुर रहमान, दिल्ली सीएफआई के महासचिव मसूद अहमद, पत्रकार एवं कथित रूप से पीएफआई से जुड़े सिद्दिकी कप्पन एवं सीएफआई एवं पीएफआई सदस्य मोहम्मद आलम शामिल हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि विशेष अदालत ने ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए पांच आरोपियों को समन जारी कर मुकदमे का सामना करने के लिए 18 मार्च को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा है।

रउफ को ईडी ने पिछले साल दिसंबर में केरल के हवाई अड्डे पर उस समय गिरफ्तार किया था, जब ‘वह देश से भागने की कोशिश कर रहा था’।

अन्य चार को पिछले साल उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा से तब गिरफ्तार किया था, जब वे हाथरस जिलें में कथित सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता के गांव जा रहे थे। पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।

ईडी ने यहां बयान जारी कर दावा किया था कि चारों आरोपी‘सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने एवं हिंसा और आतंक फैलाने’ जा रहे थे।

उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने पीएफआई सदस्यों के खिलाफ पीएमएलए के मामले दर्ज किए थे।

एजेंसी ने दावा किया कि जांच में पता चला, ‘‘पीएफआई/सीएफआई के सदस्य रउफ शरीफ के निर्देश पर वहां (हाथरस) जा रहे थे और इसके लिए उन्हें धन मुहैया कराया गया था।’’

एजेंसी के मुताबिक, ‘‘ईडी की जांच से पता चला कि रउफ शरीफ खाड़ी देशों में बैठे पीएफआई सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश के तहत विदेश में पीएफआई सदस्यों द्वारा जमा राशि को कारोबारी लेनदेन की आड़ में फर्जी तरीके से अंतरित कर रहा था।’’

ईडी के मुताबिक, ‘‘ धनशोधन विभिन्न स्तरों पर किया जाता था और राशि अंतत: रउफ शरीफ एवं पीएफआई व सीएफआई के उसके साथियों तक पहुंचती थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटआरसीबी के खिलाफ छक्कों की तूफानी बारिश करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने जड़ा IPL 2026 का सबसे तेज़ अर्धशतक

क्रिकेटRR vs RCB: कप्तान रजत पाटीदार ने शानदार अर्धशतक लगाकर आरसीबी को संकट से उबारा, 40 गेंदों में बनाए 63 रन

क्रिकेटRR vs RCB: रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को किया क्लीन बोल्ड, प्रतिक्रिया में साफ झलकी निराशा, VIIDEO

भारत'SIR में हटाए गए 91 लाख वोटों में से 63% बंगाली हिंदू हैं', विधानसभा चुनावों से पहले अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा

बॉलीवुड चुस्कीSamay Raina Net Worth: कॉमेडियन का लगभग ₹200 करोड़ का साम्राज्य स्टैंड-अप्स, चेस स्ट्रीम्स, ब्रांड डील्स और अन्य चीज़ों पर आधारित

भारत अधिक खबरें

भारतUP के वृंदावन में हादसा ! यमुना नदी में 30 पर्यटकों को ले जा रहा स्टीमर पलटा, 10 की मौत

भारत'₹15,000 देते रहो और खुश रहो': सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से 16 साल से अलग रह रहे पति की तलाक़ की अर्ज़ी ठुकराई

भारतयूपी एसआईआरः 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता?,  2 करोड़ 6000 मतदाताओं के नाम कटे, नंबर-1 प्रयागराज, देखिए टॉप-5 जिलेवार सूची?

भारतकिसके पास कौन सा मंत्रालय?, भाजपा-जदयू के बीच उलझा, मुख्यमंत्री पद के साथ गृह मंत्रालय पर अड़ी बीजेपी, बैठक रद्द?

भारतSIR के बाद यूपी की अंतिम वोटर लिस्ट जारी, 2.05 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए, ऐसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम