संसद सत्र: आरक्षण पर संसद में संग्राम, सत्ता पक्ष और विपक्ष में ठनी, जोरदार बहस
By पल्लवी कुमारी | Updated: February 10, 2020 19:22 IST2020-02-10T10:04:07+5:302020-02-10T19:22:27+5:30
बजट सत्र में अभी तक विपक्ष ने नागरिकता संशोधन विधेयक, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कश्मीर की स्थिति, महंगाई, किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा गया है।

संसद सत्र: आरक्षण पर संसद में संग्राम, सत्ता पक्ष और विपक्ष में ठनी, जोरदार बहस
संसद के बजट सत्र में एक दिन शेष रह गया है। संसद का बजट सत्र आगामी 31 जनवरी से शुरू हुआ था और 11 फरवरी तक चलेगा। संसद के बजट सत्र में आज लोकसभा और राज्यसभा CAA के मुद्दे पर विपक्ष एकबार फिर सरकार पर निशाना साधेगी। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर भी आज हंगामा हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ही नहीं, एनडीए के सहयोगी दलों ने भी केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
बजट सत्र में अभी तक विपक्ष ने नागरिकता संशोधन विधेयक, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कश्मीर की स्थिति, महंगाई, किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा गया है।
10 Feb, 20 : 05:56 PM
यह ‘सबका साथ, सबका विकास का बजट, सभी के सपने पूरे होंगे: भाजपा
भाजपा ने वर्ष 2020-21 के लिए पेश आम बजट को सोमवार को ‘सबका साथ, सबका विकास का बजट’ करार दिया और कहा कि इस बजट से सभी वर्गों के सपने पूरे होंगे। लोकसभा में बजट पर सामान्य चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा की अपराजिता सारंगी ने कहा कि इस बजट में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आम लोगों के विकास का रास्ता तैयार किया गया है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि मनरेगा के लिए राशि के आवंटन में कटौती की गई है। अपराजिता ने कहा कि मनरेगा के लिए आवंटन मांग आधारित होता है, इसलिए इस योजना पर तय आवंटन से ज्यादा राशि खर्च होती है। भाजपा सदस्य ने कहा कि मोदी सरकार सपने दिखाने के साथ उनको पूरा भी करती है। इस बजट से सभी वर्गों के सपने पूरे होंगे। भाजपा की सुनीता दुग्गल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से मोदी सरकार ने 45 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों को खाते में पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह बजट ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के गोपाल शेट्टी ने बजट को ‘सबका साथ, सबका विकास का बजट’ करार दिया और कहा कि इसमें युवा, किसान और कारपोरेट सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा गया है। जदयू के रामप्रीत मंडल और आलोक कुमार सुमन ने कहा कि इस बजट में बिहार के हितों को ध्यान में रखा गया है और इससे राज्य की प्रगति को गति मिलेगी। शिवसेना के गजानन कीर्तिकर ने आरोप लगाया कि इस बजट में महाराष्ट्र सरकार की उपेक्षा की गई है।
10 Feb, 20 : 05:53 PM
कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने कहा: पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर लोकसभा को गुमराह करने के लिए थावरचंद गहलोत के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी।
10 Feb, 20 : 05:26 PM
KC Venugopal, Congress: One of the Ministers has misled the House by saying that this situation has arrived because of the 2012 government. We will definitely move a Privilege Motion against the Minister. (file pic) https://t.co/2mgwTwqyKWpic.twitter.com/W5sbW17Lnh
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 04:37 PM
द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन की संस्कृत भाषा को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी पर सोमवार को लोकसभा में हंगामा हो गया । वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सदस्य से इस ‘अशोभनीय टिप्पणी’ के लिये माफी मांगने और इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की । इस पर पीठासीन रमा देवी ने उक्त शब्द को कार्यवाही से हटा दिया । दरअसल, वर्ष 2020-2021 के केन्द्रीय बजट पर चर्चा के दौरान द्रमुक के दयानिधि मारण ने कहा, ‘‘ सरकार संस्कृत जैसी एक ..... भाषा पर करोड़ों रूपये खर्च कर रही है जबकि तमिल जैसी शास्त्रीय भाषा पर आपने क्या किया । ’’ द्रमुक सदस्य की इस टिप्पणी पर आपत्ति व्यक्त करते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘‘ आप बजट की आलोचना कर सकते हैं, वित्त मंत्री और सरकार की भी आलोचना कर सकते हैं लेकिन संस्कृत के बारे में ऐसे शब्द ठीक नहीं । ’’ उन्होंने कहा कि आप तमिल भाषा की जितनी प्रशंसा करना चाहे करें । हमारी सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है । संस्कृत के बारे में सदस्य ने जो कहा, वह अशोभनीय और निंदनीय है । ठाकुर ने कहा कि इस शब्द को कार्यवाही से हटाया जाए और सदस्य इसके लिये माफी मांगे । इस विषय पर भाजपा के कई अन्य सदस्य भी द्रमुक सांसद की टिप्पणी का अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए । इस बीच, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कुछ कहने का प्रयास किया । इस पर अनुराग ठाकुर ने पूछा कि उन्होंने संस्कृत भाषा के बारे में ऐसी टिप्पणी की है, क्या कांग्रेस उनके :दयानिधि मारन: के बयान का समर्थन करती है ।
10 Feb, 20 : 04:02 PM
न्यायालय ने एससी-एसटी संशोधन कानून, 2018 को वैध ठहराया
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अनुसूचित जाति-जनजाति संशोधन कानून, 2018 को संवैधनिक रूप से वैध करार देते हुए कहा कि अदालत उन मामलों में अग्रिम जमानत दे सकती है जहां पहली नजर में मामला नहीं बनता हो। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनुसूचित जाति-जनजाति संशोधन कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपने फैसले में कहा कि इस कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करने या वरिष्ठ अधिकारियों से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। इस पीठ के एक अन्य सदस्य न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट ने अपने अलग लेकिन सहमति वाले फैसले में कहा कि प्रत्येक नागरिक द्वारा अपने साथी नागरिक के साथ समता का व्यवहार करने और भाईचारे की अवधारणा को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति भट ने कहा कि इस कानून के तहत यदि पहली नजर में मामला नहीं बनता होगा तो अदालत प्राथिमकी निरस्त कर सकती है और उदारता के साथ अग्रिम जमानत का इस्तेमाल संसद की मंशा को निष्फल कर सकती है। शीर्ष अदालत ने अनुसूचित जाति और जनजाति संशोधन कानून, 2018 की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत की 2018 की एक व्यवस्था को निष्प्रभावी बनाने के लिए कानून में यह संशोधन किया गया था। इस फैसले में एससी-एसटी कानून के कठोर प्रावधानों को हल्का कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने पिछले साल जनवरी में 2018 के संशोधित कानून पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। इस संशोधन के माध्यम से इस प्रावधान को बहाल किया गया था कि इस कानून के तहत दर्ज मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने अपने 2018 के फैसले में सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ इस कानून के कठोर प्रावधानों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का जिक्र करते हुए कहा था कि इस कानून के तहत दायर शिकायत पर तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। शीर्ष अदालत की इस व्यवस्था के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिनमें कई व्यक्तियों की जान चली गयी थी और अनेक जख्मी हो गए थे। संसद ने न्यायालय की इस व्यवस्था को निष्प्रभावी करने के लिए नौ अगस्त, 2018 को कानून में संशोधन करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी थी। बाद में केन्द्र सरकार ने भी मार्च, 2018 के शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की थी। न्यायालय ने एक अक्टूबर, 2009 को शीर्ष अदालत के मार्च 2018 के फैसले में दिए गए दो निर्देशों को वापस लेते हुए पहले की स्थिति बहाल कर दी थी। इस कानून में 2018 में संशोधन कर अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ अत्याचार के किसी आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत की संभावना खत्म कर दी गई थी और यह भी प्रावधान किया था कि आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले किसी प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं होगी और न ही गिरफ्तारी के लिए किसी से अनुमति लेनी होगी।
10 Feb, 20 : 03:54 PM
प्रोन्नति में आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से बसपा असहमत : मायावती
बसपा अध्यक्ष मायावती ने नियुक्तियों एवं पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से सोमवार को असहमति जतायी है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि पदोन्न्ति में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कल माननीय उच्चतम न्यायालय ने प्रमोशन में आरक्षण को लेकर जो कुछ कहा है, उससे बसपा सहमत नहीं है।’’ उन्होंने केन्द्र सरकार से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की मांग करते हुये कहा, ‘‘केन्द्र सरकार से मांग है कि वह इस मामले में तत्काल सकारात्मक कदम उठाये। अर्थात पूर्व की कांग्रेसी सरकार की तरह इसे लटकाया ना।’’
10 Feb, 20 : 03:53 PM
लोकसभा में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक पेश
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बीच सरकार ने सोमवार को लोकसभा में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक 2020 पेश किया जिसमें आयुर्वेद और संबद्ध शाखाओं में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता के लिये गुजरात के जामनगर स्थित आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित करने का प्रावधान है । निचले सदन में आयुष मंत्री श्रीपद यशो नाईक ने यह विधेयक पेश किया । विधेयक पेश करने का विरोध करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि इसके माध्यम से गुजरात के जामनगर स्थित आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने का प्रावधान किया गया है । उन्होंने कहा ‘‘ऐसा क्यों है कि जो भी हो, वह गुजरात में ही हो, जबकि केरल और पश्चिम बंगाल में आयुर्वेद की स्वर्णिम परंपरा रही है ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ हम कहना चाहते हैं कि आयुर्वेद में ऐसा उत्कृष्ट संस्थान वाराणसी या बंगाल में स्थापित किया जाए । ’’ कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि सरकार ने इस संस्थान को लेकर चुनिंदा तौर पर फैसला किया है जबकि अन्य स्थान पर भी आयुर्वेद संबंधी पुराने संस्थान हैं । थरूर ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय महत्व के संस्थान को परिभाषित करने में विफल रही । उन्होंने कहा कि इसमें आयुर्वेद को प्रोत्साहन के व्यापक उद्देश्य को स्पष्ट नहीं किया गया है। इस पर आयुष मंत्री श्रीपद यशो नाईक ने कहा कि जामनगर स्थित इस संस्थान की स्थापना 1952 में की गई थी । इसके बाद वहां स्नातकोत्तर संकाय स्थापित किया गया । उन्होंने कहा कि अभी आयुर्वेद पर एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान स्थापित किया जा रहा है और आगे कुछ प्रस्ताव आयेंगे तब उन पर भी विचार किया जायेगा । विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि जामनगर स्थित आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान का राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में उन्नयन किया जायेगा ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुसार आयुर्वेद के विभिन्न पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाए एवं इस संकाय में शिक्षा के मानकों को उन्नत करने हेतु स्वायत्तता प्रदान की जाए। इसके माध्यम से आयुर्वेद के क्षेत्र में गहन अध्ययन और अनुसंधान करना सुगम होगा ।
10 Feb, 20 : 03:50 PM
नियुक्तियों एवं पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के एक फैसले को लेकर कांग्रेस एवं कुछ विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर लगाये गये दलित विरोधी होने के आरोपों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और कांग्रेस का ऐसे मुद्दे पर राजनीति करना ठीक नहीं है । लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस और द्रमुक के सदस्यों ने सरकार पर निशाना साधते हुए उसे दलित विरोधी बताया और कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा शीर्ष अदालत में पक्ष रखने जाने के बाद न्यायालय का यह फैसला आया है। विपक्षी दलों ने सरकार से शीर्ष अदालत में समीक्षा याचिका दायर करने को कहा। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘ मैं कहना चाहता हूं कि 2012 में उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार थी। इतने संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस जिस तरह से राजनीति कर रही है, वह ठीक नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत सदन में बयान देंगे और सदस्य अगर इससे सहमत नहीं होते हैं तब अध्यक्ष को नोटिस दे सकते हैं। सदन में लोक जनशक्ति पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अपना दल जैसे केंद्र में सत्तारूढ़ राजग के घटक दलों ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और साथ ही शीर्ष अदालत के फैसले से असहमति व्यक्त करते हुए सरकार से आरक्षण के विषय को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने की मांग की।
10 Feb, 20 : 01:08 PM
अनुप्रिया पटेल ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया विरोध
लोकसभा में अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण न्यायपालिका में भी एससी/एसटी का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
Apna Dal's Anupriya Patel in Lok Sabha: Apna Dal does not agree with the Supreme Court judgement. So far, it is the most unfortunate decision given by the Supreme Court. https://t.co/rj8NXolbGDpic.twitter.com/s6oy9rULKl
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 01:06 PM
लंच के ब्रेक के लिए लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
10 Feb, 20 : 12:50 PM
आरक्षण पर शीर्ष न्यायालय के फैसले को लेकर चिराग पासवान के कहा है कि वह इसके विरोध में हैं।
LJP President and MP Chirag Paswan in Lok Sabha: Lok Jan Shakti Party does not agree with the Supreme Court's decision that reservations for jobs, promotions, is not a fundamental right. We urge the Centre to intervene in this matter. pic.twitter.com/pmgemI9TXd
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 12:45 PM
प्रल्हाद जोशी ने- मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया
संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरक्षण वाले फैसले पर कहा है कि हमने कुछ नहीं किया है। जो भी किया है सुप्रीम कोर्ट ने किया है।
Parliamentary Affairs Minister Pralhad Joshi on SC judgement that reservations for jobs, promotions, is not a fundamental right: This is SC's decision. Govt of India has nothing to do with it. The Social Welfare Minister will make a statement at 2:15pm today pic.twitter.com/RysQfUVpfP
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 12:33 PM
कोरोना वायरस पर लोकसभा में बोले हर्षवर्धन, सरकार इसके लिए सही दिशा में कदम उठा रही है
कोरोना वायरस पर लोकसभा में हर्षवर्धन ने कहा है कि वह स्थिति की रोज निगरानी कर रहे हैं। एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग हो रही है। सरकार इसके लिए कदम भी उठा रही है।
Union Health Minister Dr. Harsh Vardhan in Lok Sabha on Novel Coronavirus: So far 811 deaths have been reported in China. India is taking all preventive measures. We are monitoring and reviewing the situation daily. Till now 1,118 flights have been screened. pic.twitter.com/aIiseda9tx
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 12:04 PM
आरक्षण पर शीर्ष न्यायालय के फैसले को लेकर लोकसभा में विपक्षी दलों का हंगामा
कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने नियुक्तियों एवं पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर सोमवार को लोकसभा में हंगामा किया । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह ‘संवेदनशील मामला’ है जिस पर सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत सरकार का पक्ष रखेंगे। सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और पार्टी के अन्य सदस्य इस मुद्दे को उठाने को कोशिश की ।
10 Feb, 20 : 12:01 PM
गार्गी कॉलेज छेड़छाड़: एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल ने कहा- यह ठीक नहीं है
एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल ने गार्गी कॉलेज छेड़छाड़ मामले पर कहा कि हमें ज्ञात हुआ कि कॉलेज में कुछ बाहरी लोग घुस गए थे। यह ठीक नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
Human Resource Development Minister Ramesh Pokhriyal in Lok Sabha on Gargi college case: It has come to our notice that some outsiders had entered the college, which is not right. The college administration has been asked to look into it. pic.twitter.com/UuLcdveagB
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 11:44 AM
आरक्षण का मुद्दा राज्यसभा में उठा। केंद्र सरकार 2 बजे इस पर देगी जवाब
10 Feb, 20 : 11:09 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज द डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास तक बिल, 2020 को लोकसभा में पेश करेंगी।
Finance Minister Nirmala Sitharaman to move 'The Direct Tax Vivad Se Vishwas Bill, 2020' in Lok Sabha today. (file pic) pic.twitter.com/BBJ7VfHMss
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 10:08 AM
कांग्रेस ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव नोटिस
कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देते हुए कहा कि 'सरकारी सेवाओं में SC और ST आरक्षण को कम नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारे देश के पिछड़े समुदायों के लिए विनाशकारी होगा'।
Congress gives Adjournment Motion Notice in Lok Sabha saying 'SCs & STs reservation in government services should not be diluted as it will be a disastrous blow to the backward communities of our country'. pic.twitter.com/ccV9ZA1gjt
— ANI (@ANI) February 10, 2020
10 Feb, 20 : 10:06 AM
संजय सिंह ने राज्यसभा में दिया शून्यकाल नोटिस
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गार्गी कॉलेज में वार्षिक उत्सव के दौरान छात्रों के साथ हुए अभद्र व्यवहार को लेकर राज्यसभा में शून्यकाल नोटिस दिया है।
Aam Aadmi Party MP Sanjay Singh gives Zero Hour Notice in Rajya Sabha over 'indecent behaviour with students of Delhi's Gargi college during the college's annual festival'. (file pic) pic.twitter.com/D4BJgJ0jmI
— ANI (@ANI) February 10, 2020