पंडोरा पेपर्स खुलासे में सरकार ने दिए जांच के आदेश, काले धन पर गठित एसआईटी के जजों ने कार्रवाई की बात कही

By विशाल कुमार | Published: October 5, 2021 07:40 AM2021-10-05T07:40:24+5:302021-10-05T07:49:31+5:30

पंडोरा पेपर्स के जरिए मुख्य तौर पर यह खुलासा किया गया है कि कैसे दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोग अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं. इसके लिए सैकड़ों पत्रकारों ने महीनों तक दस्तावेजों की जांच की। इस रिपोर्ट में भारत के 300 तो पाकिस्तान के 700 से अधिक लोगों के नाम हैं.

pandora-papers-black-money govt-orders-probe | पंडोरा पेपर्स खुलासे में सरकार ने दिए जांच के आदेश, काले धन पर गठित एसआईटी के जजों ने कार्रवाई की बात कही

(फोटो: @ICIJorg)

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Highlightsइंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इंवेस्टीगेटिव जर्नलिस्ट्स की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में दुनियाभर के 600 से अधिक पत्रकारों ने 12 मिलियन दस्तावेजों की जांच के बाद दुनिया भर में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित खुलासा किया गया है. पंडोरा पेपर लीक के मामलों की जांच की निगरानी सीबीडीटी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बहु-एजेंसी समूह के माध्यम से की जाएगी.काले धन पर सरकार के विशेष जांच दल के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के दो पूर्व न्यायाधीशों ने कहा है कि नए खुलासे पर कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को पंडोरा पेपर्स के मामलों की जांच के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) को शामिल करते हुए एक बहु-एजेंसी जांच का निर्देश दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार ने आज निर्देश दिया है कि पंडोरा पेपर्स के नाम से मीडिया में आने वाले पंडोरा पेपर लीक के मामलों की जांच की निगरानी सीबीडीटी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बहु-एजेंसी समूह के माध्यम से की जाएगी.

मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने इन घटनाओं पर ध्यान दिया है और संबंधित एजेंसियां इन मामलों की जांच करेंगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी. इसने कहा कि वह जांच के दौरान विदेशी क्षेत्राधिकारों के साथ बातचीत करेगा.

पनामा और पैराडाइज पेपर्स में 20 हजार करोड़ की अघोषित संपत्ति का पता चला

सरकार ने कहा कि एचएसबीसी, पनामा पेपर्स और पैराडाइज पेपर्स जैसे पहले के लीक के बाद सरकार ने काले धन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पहले ही काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिनियम, 2015 या ऐसी आय पर उपयुक्त कर और जुर्माना लगाकर अघोषित विदेशी संपत्ति और आय लागू कर दिया था.

पनामा और पैराडाइज पेपर्स में की गई जांच में लगभग 20,352 करोड़ रुपये (15.09.2021 तक की स्थिति) के अघोषित संपत्ति का पता चला है.

काले धन पर गठित एसआईटी भी करेगी जांच

इस बीच, काले धन पर सरकार के विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के दो पूर्व न्यायाधीशों ने कहा है कि नए खुलासे पर कार्रवाई की जाएगी.

एसआईटी का गठन मोदी सरकार ने 2014 में अपनी पहली कैबिनेट बैठक के बाद किया था और अब तक सुप्रीम कोर्ट को सात रिपोर्ट सौंप चुकी है.

क्या है पंडोरा पेपर्स लीक मामला

पंडोरा पेपर्स लीक संबंधी रिपोर्ट इंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इंवेस्टीगेटिव जर्नलिस्ट्स (आइसीआइजे) की ओर से जारी किया गया है। दुनिया भर के 117 देशों के 600 से अधिक पत्रकारों ने करीब 12 मिलियन दस्तावेजों की जांच के बाद वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित खुलासा किया है.

पंडोरा पेपर्स के जरिए मुख्य तौर पर यह खुलासा किया गया है कि कैसे दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोग अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं. इसके लिए सैकड़ों पत्रकारों ने महीनों तक दस्तावेजों की जांच की। इस रिपोर्ट में भारत के 300 तो पाकिस्तान के 700 से अधिक लोगों के नाम हैं.

पंडोरा पेपर में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस, केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा और इक्वाडोर के राष्ट्रपति गुइलेर्मो लासो के अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी के नाम भी शामिल हैं.

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