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ओम बिरला ने सदस्यों से छोटे पूरक प्रश्न पूछने पर विशेष जोर दिया, जिसके कारण सदन में 10 मौखिक प्रश्न लिए जा सके

By भाषा | Updated: June 24, 2019 19:20 IST

अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने पर सदस्यों से छोटे पूरक प्रश्न पूछने को कहा। इसी दौरान कुछ विपक्षी सदस्य अपनी बात रखना चाहते थे । किंतु अध्यक्ष ने उसकी अनुमति नहीं देते हुए उनसे प्रश्नकाल चलने देने को कहा। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित 10 प्रश्न लिये गए।

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ठळक मुद्देलोकसभा में सोमवार को जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये गए।गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। गृह मंत्री अमित शाह उस समय सदन में मौजूद थे।

लोकसभा में सोमवार को अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों से छोटे पूरक प्रश्न पूछने पर विशेष जोर दिया जिसके कारण सदन में 10 मौखिक प्रश्न लिये जा सके। सदन में आम तौर पर प्रश्नकाल में पांच-छह मौखिक प्रश्न ही लिये जा पाते हैं।

अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने पर सदस्यों से छोटे पूरक प्रश्न पूछने को कहा। इसी दौरान कुछ विपक्षी सदस्य अपनी बात रखना चाहते थे । किंतु अध्यक्ष ने उसकी अनुमति नहीं देते हुए उनसे प्रश्नकाल चलने देने को कहा। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित 10 प्रश्न लिये गए।

लोकसभा में सोमवार को जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये गए। साथ ही सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई । विधायी कार्य के तहत लोकसभा में जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया जिसके कानून बनने पर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्रों में निवास कर रहे व्यक्तियों के समान आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। गृह मंत्री अमित शाह उस समय सदन में मौजूद थे। सदन में आधार अधिनियम, 2016 और भारतीय तार अधिनियम, 1885 तथा धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 का और संशोधन करने वाले विधेयक पेश किया गया।

केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2019’ पेश किया और विपक्ष के एक सदस्य की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कानूनों का अनुपालन किया गया है। निचले सदन में विशेष आर्थिक जोन संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया जिसमें न्यासों को विशेष आर्थिक क्षेत्र में इकाई स्थापित करने की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में विशेष आर्थिक क्षेत्र संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान की जो इससे संबंधित अध्यादेश का स्थान लेगा। यह अध्यादेश पिछली सरकार में लागू किया गया था। निचले सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान कई बार सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच नोकझोंक की स्थिति भी उत्पन्न हुई लेकिन कार्यवाही में रुकावट नहीं आई। 

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