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ब्रिटेन से लौटे लोगों में कोरोना संक्रमितों के लिए अलग होगा आइसोलेशन वॉर्ड, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी किया SOP

By स्वाति सिंह | Updated: December 22, 2020 15:38 IST

ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन मिलने के मद्देनजर भारत में इसकी कैसे सर्विलांस की जाए और कैसे रिस्पांस दिया जाए, इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किए है।

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ठळक मुद्देब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए म्यूटेंट स्ट्रेन पाए जाने को लेकर को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑफ प्रोसीज़र जारी किया गया हैयूके फ्लाइट से आने वाले ऐसे यात्रियों को जिनमें कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलता है, उन्हें अलग से बने आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जाएगा। इसके साथ ही अगर यात्री पॉजिटिव निकले सह-यात्रियों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में रखा जाएगा।

नई दिल्ली: ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए म्यूटेंट स्ट्रेन पाए जाने को लेकर को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑफ प्रोसीज़र जारी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, यूके फ्लाइट से आने वाले ऐसे यात्रियों को जिनमें कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलता है, उन्हें अलग से बने आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जाएगा। इसके साथ ही अगर यात्री पॉजिटिव निकले सह-यात्रियों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में रखा जाएगा। सरकार ने कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए ब्रिटेन से आई फ्लाइट्स के लिए SOP जारी किया है।

बता दें कि ‘एअर इंडिया’ के लंदन से दिल्ली आए विमान में सवार छह यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि विमान सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे यहां पहुंचा था। अधिकारी ने कहा, ‘‘ दिल्ली हवाईअड्डे पर पांच यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। अन्य विमान में चेन्नई के लिए रवाना हुए एक यात्री की वहां जांच की गई और उसके भी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।’’ नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि कोरोना वायरस का नया प्रकार (स्ट्रेन) सामने आने के मद्देनजर 23 से 31 दिसम्बर तक ब्रिटेन से भारत आने-जाने वाली उड़ानें स्थगित रहेंगी। उसने कहा था कि मंगलवार तक ब्रिटेन की उड़ानों से आने वाले सभी यात्रियों की हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद कोविड-19 जांच अनिवार्य होगी। 

ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन मिलने के मद्देनजर भारत में इसकी कैसे सर्विलांस की जाए और कैसे रिस्पांस दिया जाए, इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किए है। इसमें बताया गया है कि यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट के बारे में जानकारी दी है और इस पर अभी जांच चल रही है। यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक यह ज्यादा फैलने वाला है और युवा आबादी को प्रभावित करता है। 

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