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एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले-नकली वैक्सीन पर उम्रकैद, ग्वालियर में प्लाज्मा रैकेट पकड़े

By शिवअनुराग पटैरया | Updated: December 23, 2020 21:13 IST

राहुल गांधी जी ने ट्रैक्टर पर सोफा लगाकर किसानों के मुद्दे की शुरुआत की थी, वे किसानों की ठगी बंद करें. जिसे वे काला कानून कह रहे हैं उसमें काला क्या है मैं आज तक नहीं समझ पाया, ये टुकड़े-टुकड़े गैंग है जो भ्रम फैला रही है.

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ठळक मुद्देकानून के तहत अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर पांच साल किया गया है.मिश्रा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को इंटरपोल से जानकारी मिली है कि कोरोना वैक्सीन में फर्जीवाड़ा हो सकता है. मप्र सरकार आम नागरिक की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी.

भोपालः भले ही कोरोना की वैक्सीन अभी न आई हो, लेकिन मप्र को कोरोना वैक्सीन में मिलावट कर डर सताने लगा है. दरअसल पिछले दिनों राज्य के ग्वालियर में नकली प्लाज्मा का रैकेट पकड़े जाने के बाद, प्रदेश को नकली कोरोना वैक्सीन का डर सताने लगा है.

वहीं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी इस तरह की गड़बड़ी की आशंका जताई है. इसके कारण राज्य सरकार ने नकली वैक्सीन के मामलों में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया है. मप्र के गृह एवं जेल मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि अभी तक इस कानून के तहत अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर पांच साल किया गया है.

कैबिनेट में हुुए निर्णय की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को इंटरपोल से जानकारी मिली है कि कोरोना वैक्सीन में फर्जीवाड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि मप्र सरकार आम नागरिक की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी.

दरअसल डब्ल्यूएचओ ने अपना इनपुट सभी सरकारों के माध्यम से भिजवाया था. गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हाल में ग्वालियर में नकली प्लाज्मा बेचे जाने का मामला सामने आ चुका है. यह गंभीर अपराध है. सरकार लोगों की जान के साथ खेलने वालों को सख्त सजा देगी.

उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट की दवा बेचने पर सजा को बढ़ने का प्रस्ताव भी विधि विभाग की तरफ से दिया गया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है. इसके तहत मिलावट चाहे दूध में हो, अन्य खाद्य सामग्री या फिर एक्सपायरी डेट की दवाओं की बिक्री, सभी में सजा तीन साल से बढ़ा कर पांच साल किया गया है.

कोविड काल में अच्छे कार्य के लिए हुई मध्य प्रदेश पुलिस की सराहना

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड काल में मध्यप्रदेश की पुलिस द्वारा किए गए कार्य की राष्ट्र स्तर पर प्रशंसा हुई है. इसके लिए हमारा पुलिस महकमा बधाई का पात्र है. हमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए दिशा-निदेर्शों के अनुरूप मध्यप्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाना है. मुख्यमंत्री चौहान ने निवास पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा गत दिनों ली गई देश के समस्त डी.जी. एवं आई.जी. कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में बैठक ली.

'क्राइम एनालिसिस' एवं 'हॉट स्पॉट' को छांटने में आई.टी. का प्रयोग :  मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए 'क्राइम एनालिसिस' और अपराधों के 'हॉट स्पॉट' छांटने में आई.टी. का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए. सी.सी.टी.वी. नैटवर्क को और उन्नत किया जाए. पी.एच.क्यू. में चीफ टैक्निकल आॅफीसर भी नियुक्त किया जाए.महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई : मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध के मामलों में प्रभावी कार्यवाही की जाना चाहिए. इसके लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. बाल एवं किशोर न्यायालयों को 'चाइल्ड फ्रेंडली' बनाया जाए.नक्सली क्षेत्रों में 'कम्युनिटी रेडियो': मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नक्सलवाद को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए. आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ राज्यों की तरह मध्यप्रदेश की नक्सली आत्मसमर्पण योजना को बेहतर बनाएं. नक्सली क्षेत्रों में 'कम्यूनिटी रेडियो' प्रारंभ करें, जो वहीं की भाषा में लोगों को जानकारी दे.मिशन मोड में हो भगोड़ों के विरुद्ध कार्रवाई:  मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि भगोड़ों के विरुद्ध मिशन मोड में कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे वे समाज में यहां-वहां न घूम सकें. गंभीर अपराधों (7 वर्ष से ऊपर सजा वाले) में एफ.एस.एल. विजिट अनिवार्य हो. जेलों के सुधार के संबंध में भी कार्य किया जाए. पुलिस अपना 'विजन 2030' तैयार करे. आंध्रप्रदेश की तर्ज पर 'इंटीग्रेटेड क्राइम मैनेजमेंट व्हीकल' तैयार की जा सकती है.मध्य प्रदेश में खोला जा सकता है 'एन.एफ.एस.यू.' का कैंपस: इस बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने 'नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनीवर्सिटी' से संबद्धता संबंधी बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की दक्षता, ज्ञान, अत्याधुनिक प्रणाली का उपयोग आदि के लिए इस विश्वविद्यालय की पूरी सेवाएं ली जाएं. प्रदेश में 'नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी' का कैंपस खोला जा सकता है. इस संबंध में 01 सप्ताह में जानकारी दी जाए.

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