MP: 14 people killed in Ujjain due to consumption of poisonous liquor, SIT constituted for investigation | MP: उज्जैन में जहरीली शराब के सेवन से 14 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित
सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो)

Highlightsमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे विषैले नशीले पदार्थ बेचने वाले समाज के दुश्मन हैं।उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा जांच के लिए सागर प्रयोगशाला में आज ही भेजा जाएगा।

उज्जैन/भोपालमहाकाल की नगरी उज्जैन में कथित रूप से जहरीली शराब के सेवन से पिछले 24 घंटे में 14 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर गरीब लोग शामिल हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को इस घटना की विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद इस घटना के समग्र पहलुओं की जांच के लिए राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक उच्चस्तरीय जांच दल का गठन किया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘शिवराज जी, ये माफिया कब तक यूं ही निर्दोषों की जान लेते रहेंगे?’’

उच्चस्तरीय जांच दल के अध्यक्ष डॉ. राजेश राजोरा ने गुरुवार रात ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, कि उज्जैन में जहरीली शराब के सेवन से कल से लेकर अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में हमने मुख्य आरोपी शराब तस्कर यूनुस को उज्जैन के पास उस समय आज गिरफ्तार कर लिया, जब वह आगरा के लिए भागने की कोशिश कर रहा था।’’ राजोरा ने इस बात की पुष्टि की कि पुलिस ने कुछ अन्य छोटे शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि जिस शराब ने इन लोगों की जान ली है, वह बहुत ही सस्ती दरों पर बेची जाती थी और इसका सेवन बेघर लोगों एवं गरीबों द्वारा किया जाता है। इसे उज्जैन में जिंजर-टिंजर (कच्ची शराब) नाम से जाना जाता है। राजोरा ने कहा, ‘‘मैं इस शराब की बिक्री एवं ऐसी शराब बनाने की कार्यप्रणाली की तह तक जाने के लिए उज्जैन जा रहा हूं। मैं वहां दो दिन तक रहूंगा और हम उन तौर तरीकों पर चर्चा करेंगे, जिससे ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों।

ऐसी घटना मध्य प्रदेश में कई साल बाद हुई है।’’ इससे पहले, उज्जैन जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने कहा, ‘‘बुधवार से बृहस्पतिवार सुबह तक उज्जैन के तीन थाना इलाकों -खाराकुआ थाना, जीवजीगंज थाना एवं महाकाल थाना - में कोई विषैला पदार्थ पीने से इन लोगों की मौत हुई है। ये सभी या तो भिखारी थे या गरीब मजदूर थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब यह पदार्थ क्या है और यह किसके द्वारा बेचा गया, इसकी जांच की जा रही है।’’ द्विवेदी ने कहा, ‘‘इसके लिए हमारे द्वारा सघन छापेमारी की जा रही है।’’

उन्होंने बताया कि उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने थाना प्रभारी खाराकुआं, निरीक्षक एम.एल. मीणा, बीट प्रभारी उपनिरीक्षक निरंजन शर्मा और दो आरक्षकों शेख अनवर एवं नवाज शरीफ को इन व्यक्तियों की मृत्यु होने जैसी संवेदनशील घटना को गंभीरता से नहीं लेने एवं कर्तव्य के प्रति बरती गई लापरवाही को लेकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उज्जैन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) महावीर खंडेलवाल ने कहा, ‘‘ये लोग इतनी बुरी स्थिति में अस्पताल लाए गए थे कि इनमें से कोई भी 15 मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह पाया।’’

जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ये कोई जहरीली शराब, स्प्रिट या कोई भी अन्य केमिकल भी हो सकता है, जो विसरा जाँच में पता चलेगा।’’ उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया की इस स्प्रिट या जहरीली शराब की आपूर्ति मामले में गब्बर और सिकंदर नामक लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो यहां से भाग गए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए टीमें बलाघाट और अन्य जगहें भेजी गई हैं।

उन्होंने कहा कि कल रात से ही 12 से अधिक लोगों को अवैध शराब बिक्री में पकड़ा गया और उनसे सख्त पूछताछ की जा रही है। उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा जांच के लिए सागर प्रयोगशाला में आज ही भेजा जाएगा और रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि इनकी मौत कैसे हुई।

सिंह ने कहा कि प्रशासन को ऐसे नशीले पदार्थ बेचने वालों को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में दो-तीन संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं और उनके विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने बृहस्पतिवार प्रात: अपने निवास पर विशेष बैठक बुलाकर वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी ली। चौहान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए, ‘‘ऐसे पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे व्यक्तियों का नेटवर्क तोड़ा जाए।

इस घटना की एसआईटी द्वारा जांच हो।’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य स्थानों पर यदि ऐसी वस्तुएं बेची जा रही हैं, तो पुलिस बल इसका पता लगाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे। चौहान ने कहा कि अपर मुख्य सचिव, गृह इस मामले में समन्वय कर प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रतिवेदन दें। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे विषैले नशीले पदार्थ बेचने वाले समाज के दुश्मन हैं।

इन्हें कड़ी सजा मिले। ऐसे लोगों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का कार्य किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, वे काफी निर्धन भी थे। संभवत: कई दिन से वे इस तरह का नशा कर रहे होंगे। ऐसे नशीले पदार्थ बेचने वालों का नेटवर्क ध्वस्त किया जाए। चौहान ने कहा, ‘‘न सिर्फ उज्जैन बल्कि पूरे प्रदेश में इस तरह के मामलों पर नजर रखी जाए। जहां कहीं भी ऐसे मिलावटी और जहरीले पदार्थों का विक्रय होने की आशंका हो, सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।’’

वहीं, कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, ‘‘प्रदेश के कई जिलों से शराब माफ़िया व अवैध शराब के कारोबार की निरंतर शिकायतें मिल रही हैं। हमारी सरकार जाते ही ये माफिया वापस बेखौफ होकर सक्रिय हो गये हैं। हमारी सरकार ने इन्हें कुचला था और भाजपा सरकार इन्हें संरक्षित कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्यों इन्हें बख्शा जा रहा है? क्यों इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है? मृतकों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। पीड़ित परिवारों को न्याय मिले, उनकी हरसंभव मदद हो, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।’’ 

Web Title: MP: 14 people killed in Ujjain due to consumption of poisonous liquor, SIT constituted for investigation
भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे