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Modi Cabinet Expansion 2021: धर्मेंद्र प्रधान से पेट्रोलियम, ईरानी से कपड़ा और गोयल से रेल मंत्रालय छिना, पीएम मोदी ने किया बदलाव

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 7, 2021 23:09 IST

Modi Cabinet Expansion 2021: स्मृति जुबिन ईरानी से कपड़ा मंत्रालय ले लिया गया है। अमेठी से सांसद के पास मात्र महिला एवं बाल विकास विभाग हैं।

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ठळक मुद्दे रेल मंत्रालय छीन लिया गया है। अश्विनी वैष्णव को संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अलावा रेल मंत्रालय का प्रभार दिया गया है।अमेठी से सांसद के पास मात्र महिला एवं बाल विकास विभाग हैं।

Modi Cabinet Expansion 2021: केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार में जिन 43 लोगों ने शपथ ली है उनमें 16 मंत्री ऐसे हैं जो पहली बार ही सांसद बने हैं। इसमें सबसे प्रमुख नाम नारायण राणे का है। कभी शिवसेना के बड़े नेता रहे राणे 1999 में करीब नौ महीने तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे।

स्मृति जुबिन ईरानी से कपड़ा मंत्रालय ले लिया गया है। अमेठी से सांसद के पास मात्र महिला एवं बाल विकास विभाग हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पर नकेल कसा गया है। रेल मंत्रालय छीन लिया गया है। अश्विनी वैष्णव को संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अलावा रेल मंत्रालय का प्रभार दिया गया है।

स्मृति जुबिन ईरानी से कपड़ा मंत्रालय लेकर पीयूष गोयल को दिया

स्मृति जुबिन ईरानी से कपड़ा मंत्रालय लेकर पीयूष गोयल को दिया गया है। गोयल के पास अब वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय होगा। तेल के दाम को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए धर्मेंद्र प्रधान से पेट्रोलियम मंत्रालय ले लिया गया।

रमेश पोखरियाल निशंक से इस्तीफा लेकर धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय दिया गया है। हरदीप सिंह पुरी को आवास और शहरी विकास के अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय मिला है। प्रह्लाद जोशी के पास संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय होगा। नितिन जयराम गडकरी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय देखेंगे। स्मृति जुबिन ईरानी महिला एवं बाल विकास मंत्री बनीं। अर्जुन मुंडा आदिवासी मामलों के मंत्री हैं।

शपथग्रहण के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल किया गया पालन

केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार के लिए राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह पर कोरोना महामारी की छाया देखने को मिली क्योंकि इस बार हमेशा की तरह बहुत सारे लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया था और सामाजिक दूरी और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

करीब डेढ़ घंटे तक चले शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी लोगों ने मास्क लगा रखा था। इस शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के नेताओं खासकर संसद के दोनों सदनों के विपक्षी नेताओं को कोरोना प्रोटोकॉल के चलते आमंत्रित नहीं किया गया था।

हर मंत्री के सिर्फ एक पारिवारिक सदस्य को बुलाया गया था। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा इस समारोह में उपस्थित थे। मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर भी मौजूद थे। मंत्री पद की शपथ लेने वाले ज्यादातर नेताओं ने पारंपरिक परिधान पहन रखे थे।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बृहस्पतिवार को बैठक होने की संभावना

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बृहस्पतिवार को बैठक होने की संभावना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए बड़े मंत्रिपरिषद विस्तार और मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल के एक दिन बाद होगी। विस्तार या फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री आम तौर पर काबीना मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की बैठक करते हैं।

सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम एक के बाद एक-दो बैठक आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह काबीना और राज्य मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की थी जिसमें कोविड-19 के चलते उभरती स्थिति पर चर्चा की गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से ऐसा माहौल तैयार करने को कहा था जहां लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार करें और खुद का टीकाकरण कराएं।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पिछड़ा वर्ग, दलितों और महिलाओं का बढ़ा प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार को किए व्यापक फेरबदल और विस्तार में पिछड़ा वर्ग, दलितों, जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व जहां बढ़ाया है वहीं उत्तर प्रदेश जैसे चुनावी दृष्टि से अहम राज्यों को खासा तवज्जो दी है। इस विस्तार में भाजपा ने अपने बढ़ते भौगोलिक जनाधार का भी विशेष ख्याल रखा है। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सात मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। इनमें से अधिकांश आरक्षित जाति समुदाय से आते हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जिन 36 नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक प्रतिनिधित्व पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र को मिला है। इन राज्यों से चार-चार सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है।

गुजरात से तीन, मध्य प्रदेश, बिहार और ओड़िशा से दो-दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है जबकि उत्तराखंड, झारखंड, त्रिपुरा, नयी दिल्ली, असम, राजस्थान, मणिपुर और तमिलनाडु से एक-एक नेता को मंत्रिपरिषद में जगह मिली है।

सात महिलाओं को इस मंत्रिपरिषद विस्तार में जगह दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को मिलाकर अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मिहला मंत्रियों की कुल संख्या नौ हो गई है। 

(एजेंसी इनपुट)

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