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मौसम विभाग की अनोखी पहल, अब वह वॉट्सऐप के जरिए किसानों को बताएगा फसल को कब कितना खाद पानी दें

By भाषा | Updated: November 10, 2019 15:51 IST

वॉट्सऐप पर किसानों को बारिश की मात्रा, हवाओं के रुख, आद्रता और तापमान सहित मौसम के अन्य पहलुओं के पूर्वानुमान के आधार पर फसलों की बुआई, सिंचाई और कटाई सहित अन्य अहम सुझाव दिये जायेंगे। 

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ठळक मुद्देमौसम विभाग अब देश भर के किसानों को मौसम के साप्ताहिक पूर्वामुमान के आधार पर वॉट्सऐप के जरिये यह भी बतायेगा कि किस फसल को कब कितना खाद पानी देना है। विभाग अभी किसानों को मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये सिर्फ उनके क्षेत्र में अगले चार पांच दिनों में हवा की गति, संभावित बारिश की मात्रा और ओलावृष्टि जैसी जरूरी जानकारियां दे रहा है। 

मौसम विभाग अब देश भर के किसानों को मौसम के साप्ताहिक पूर्वामुमान के आधार पर वॉट्सऐप के जरिये यह भी बतायेगा कि किस फसल को कब कितना खाद पानी देना है। विभाग अभी किसानों को मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये सिर्फ उनके क्षेत्र में अगले चार पांच दिनों में हवा की गति, संभावित बारिश की मात्रा और ओलावृष्टि जैसी जरूरी जानकारियां दे रहा है। 

इस सेवा से देश के लगभग चार करोड़ किसानों को जोड़ा जा चुका है। कृषि मौसम विज्ञान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि विभाग की कृषि मौसम विज्ञान इकाई ने जिला और ब्लॉक स्तर पर देश के सभी 633 जिलों में किसानों के लिये ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा’ शुरु करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। 

डा सिंह ने बताया कि योजना के पहले चरण में देश के 115 आकांक्षी जिलों में यह सेवा शुरू कर दी गयी है। इसके तहत मौसम विभाग के सामंजस्य से सभी जिलों में संचालित किसान विकास केन्द्रों में मौसम और कृषि क्षेत्र के दो विशेषज्ञों को तैनात किया जा रहा है।

ये केन्द्र सभी जिलों में ब्लॉक और गांव के स्तर पर किसानों के वॉट्सऐप ग्रुप बना कर सप्ताह में दो दिन (मंगलवार और शुक्रवार) को स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी के साथ मौसम की उक्त परिस्थितियों में किस फसल को कितना खाद पानी देना है, यह भी बताएंगे। 

उन्होंने बताया कि वॉट्सऐप पर किसानों को बारिश की मात्रा, हवाओं के रुख, आद्रता और तापमान सहित मौसम के अन्य पहलुओं के पूर्वानुमान के आधार पर फसलों की बुआई, सिंचाई और कटाई सहित अन्य अहम सुझाव दिये जायेंगे। 

डा. सिंह ने बताया कि इस सेवा के लिये विभाग, अत्याधुनिक एग्रोमेट सॉफ्टवेयर की मदद लेगा। इसके द्वारा जिला स्तर पर कृषि मौसम बुलेटिन भेजा जायेगा। इस बुलेटिन को ब्लॉक और गांव के स्तर पर बनाये गये किसानों के व्हाट्स एप ग्रुप पर भेज दिया जायेगा। इस सेवा के तहत किसान कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान भी विशेषज्ञों से व्हाट्स एप ग्रुप पर प्राप्त कर सकेंगे।

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