धार में डायनासोर पार्क का मेगा विस्तार: 89 से 200 हेक्टेयर तक फैलेगा जीवाश्मों का साम्राज्य, संग्रहालय बनेगा पर्यटकों का नया ठिकाना
By मुकेश मिश्रा | Updated: May 12, 2026 21:23 IST2026-05-12T21:23:18+5:302026-05-12T21:23:28+5:30
इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए होटल-रिसॉर्ट्स, अवलोकन टावर, चौड़ी सड़कें, नई सड़कें और रात में वाहन संचालन शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, "यह रोजगार लाएगा लेकिन जंगल की रक्षा जरूरी है।

धार में डायनासोर पार्क का मेगा विस्तार: 89 से 200 हेक्टेयर तक फैलेगा जीवाश्मों का साम्राज्य, संग्रहालय बनेगा पर्यटकों का नया ठिकाना
इंदौर: मध्य प्रदेश के धार जिले में छिपा डायनासोरों का प्राचीन खजाना अब दोगुना बड़ा होने जा रहा है। वर्तमान 89 हेक्टेयर के जीवाश्म पार्क को 200 हेक्टेयर तक विस्तारित करने की योजना पर मुहर लग गई है। चार स्थानीय गांवों की जमीनें इसमें शामिल होंगी, साथ ही एक भव्य संग्रहालय बनेगा जहां डायनासोर हड्डियां, अंडे और दुर्लभ जीवाश्म पर्यटकों के सामने सजेंगे। यह कदम न सिर्फ पर्यटन को बूस्ट देगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खोलेगा।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने मास्टर प्लान, बेसलाइन स्टडी और कंसल्टेंट प्रस्ताव की बारीकी से छानबीन की। डॉ. खाड़े ने जोर दिया कि पार्क में मौजूद 6 करोड़ साल पुराने जीवाश्म—डायनासोर हड्डियां, मल, इकाइनोडर्मा, मोलस्का, मछली और पोरिफेरा—राष्ट्रीय उद्यान का मजबूत आधार हैं। भौगोलिक सर्वेक्षण ऑफ इंडिया (जीएसआई) की मान्यता प्राप्त ये अवशेष पहले से ही पर्यटकों को खींच रहे हैं।
इस क्षेत्र में बड़केश्वर महादेव, हनुमान मंदिर जैसे धार्मिक केंद्रों के साथ बाघ गुफाएं और जैसे ऐतिहासिक स्थल इसे और आकर्षक बनाते हैं। साथ ही साथ यह क्षेत्र जैव-विविधता से भी समृद्ध है। यहां अरण्डी, शीशम, सतावर, सागवान समेत 1644 पौधे प्रजातियां तथा सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा और सांप जैसे जानवर घूमते हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए होटल-रिसॉर्ट्स, अवलोकन टावर, चौड़ी सड़कें, नई सड़कें और रात में वाहन संचालन शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, "यह रोजगार लाएगा लेकिन जंगल की रक्षा जरूरी है।"
हालांकि, संरक्षण पर सख्ती रहेगी—उत्खनन, शोर वाले उद्योग, जलाऊ लकड़ी का व्यापार, ईंट भट्टे और प्रदूषण फैलाने वाले कार्य प्रतिबंधित रहेंगे। पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. रवि शर्मा कहते हैं, "यह विस्तार मध्य भारत को गुजरात के बालासिनोर जैसा डायनासोर हब बना सकता है, बशर्त पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन सही हो।" योजना मध्य प्रदेश पर्यटन नीति से जुड़ी है, जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद।