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'सामना' में एनसीपी नेता शरद पवार की तारीफ, बीजेपी-शिवसेना में तकरार के बीच तीसरे विकल्प की सुगबुगाहट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 27, 2019 09:39 IST

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में कहा गया है कि महाराष्ट्र की सत्ता का रिमोट कंट्रोल उद्धव ठाकरे के हाथ में है।

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ठळक मुद्देकांग्रेस ने भी कहा है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवेसना को को ‘‘वैकल्पिक व्यवस्था’’ तलाशनी चाहिए। महाराष्ट्र चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 106 सीटें जीतीं और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं।

शिवसेना ने अपने सहयोगी दल भाजपा से शनिवार को लिखित में आश्वासन मांगा कि वह महाराष्ट्र में ‘सत्ता में बराबर की हिस्सेदारी के फार्मूले’ (50:50) को लागू करेगी। इस बीच रविवार को शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में एनसीपी नेता शरद पवार की तारीफ की गई है। सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र की सत्ता का रिमोट कंट्रोल उद्धव ठाकरे के हाथ में हैं। विपक्षी कांग्रेस ने भी कहा है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवेसना को को ‘‘वैकल्पिक व्यवस्था’’ तलाशनी चाहिए। 

'सामना' में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने 106 सीटें जीतीं और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं। यह स्पष्ट बहुमत है लेकिन 'गठबंधन' के बावजूद दोनों दलों को बड़ी सफलता नहीं मिली है। 2014 में भाजपा ने 122 सीटें और शिवसेना ने 63 सीटें जीती थी। शिवसेना ने यह सफलता तब हासिल की जब वह बड़ी ताकत और जबरदस्त धन से टकराई। इस बार सत्तारूढ़ गठबंधन के समर्थन के बावजूद शिवसेना 56 सीटों पर रही। हालांकि यह 56 अपेक्षाकृत कम संख्या है, लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता का 'रिमोट कंट्रोल' उद्धव ठाकरे के हाथ में है।

'सामना' में कहा गया है कि बीजेपी नेताओं और अन्य नेताओं ने कहा था कि महाराष्ट्र में विपक्षी दल नहीं बचेंगे और चुनाव के बाद 'पवार पैटर्न' स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा। ग्रामीण महाराष्ट्र के लोग इस भाषा को पसंद नहीं किया और उसने महाराष्ट्र में एक मजबूत विपक्ष खड़ा किया। इसका श्रेय राज्य के लोगों को दिया जाना चाहिए।

बीजेपी महाराष्ट्र में 105 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी ह। 288 सदस्यों वाली विधानसभा में शिवेसना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली है। यहां बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए 145 सीटों की जरूरत है।

शिवसेना इस विकल्प पर कर सकती है विचार

सामना में लिखा गया है कि उद्धव ठाकरे के पास महाराष्ट्र की सत्ता का रिमोट कंट्रोल है। ऐसे में अगर विकल्प की बात करें तो शिवेसना एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। इस स्थिति में कांग्रेस बाहर से सरकार को समर्थन कर सकती है।

टॅग्स :महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019शिव सेनाभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)शरद पवार
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