लाइव न्यूज़ :

मध्य प्रदेशः मंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर उठने लगे सवाल, बचाव में आए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 28, 2019 20:06 IST

ग्वालियर में गणतंत्र दिवस समारोह में दौरान मुख्यमंत्री का संदेश न पढ़ पाने को लेकर चर्चा में आई महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. ये सवाल भाजपा नेताओं द्वारा उठाए गए हैं.

Open in App

मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी द्वारा गणतंत्र दिवस पर ग्वालियर में समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संदेश को न पढ़ पाने के बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इमरती देवी द्वारा चुनाव के दौरान दिए शपथ पत्र में कही अलग-अलग बात को लेकर ये सवाल खड़े हुए हैं.

ग्वालियर में गणतंत्र दिवस समारोह में दौरान मुख्यमंत्री का संदेश न पढ़ पाने को लेकर चर्चा में आई महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. ये सवाल भाजपा नेताओं द्वारा उठाए गए हैं. भाजपा नेताओं ने कहा कि इमरती देवी ने तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा. इस दौरान दिए शपथ पत्र में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता का अलग-अलग जिक्र किया जो अलग-अलग है. 

2008 के विधानसभा चुनाव में जब वे पहली बार विधायक बनी तब उन्होंने शैक्षणिक योग्यता में माध्यमिक शिक्षा मंडल से हायर सेकेंडरी पास करना बताया था. इसके बाद 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शैक्षणिक योग्यता में ओपन स्कूल द्वारा बारहवीं पास होने का उल्लेख किया है. भाजपा नेताओं के अलावा कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह की पत्नी रुबीना सिंह ने भी इमरती देवी की शिक्षा को लेकर सवाल उठाए थे, हालांकि बाद में उन्होंने अपना टष्ट्वीट हटा लिया था.

सिंधिया आए बचाव में

मंत्री की शिक्षा को लेकर जब सवाल उठाए जाने लगे तो सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके बचाव में आए. सिंधिया ने कहा कि जो लोग इमरती देवी को लेकर बोल रहे हैं, उनमें संवेदनशीलता नहीं है. उन्होंने कहा कि इमरती देवी बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें खून दिया जा रहा है. इस वक्त में उनका मजाक बनाने वाले संवेदनशील नहीं है. उन्होंने कहा कि वे बीमार होने के कारण संदेश नहीं पड़ सकी. इस बात को उसी दिन मीडिया से भी उन्होंने कहा था. उल्लेखनीय है कि इमरती देवी सिंधिया समर्थक हैं.

वित्त मंत्री भी रहे विवाद में

महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के पहले वित्त मंत्री तरुण भानोत की डिग्री को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था. भानोत ने शपथ पत्र में 2008 के चुनाव में खुद को बीई ग्रेजुएट होना बताया था. इसके बाद 2013 के चुनाव ें उन्होंने 12 वीं पास होना बताया और फिर 2018 के चुनाव में भानोत ने शपथ पत्र में खुद को 12 पास होना बताया था. इसे लेकर भी विवाद उठा, मगर बाद ेमें मामला शांत हो गया था.

टॅग्स :ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधियामध्य प्रदेशकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल