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मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने मोदी सरकार से राज्य के तीन और जिलों को नक्सल ग्रस्त श्रेणी में रखने की उठाई मांग

By भाषा | Updated: August 27, 2019 06:07 IST

मध्य प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि नक्सल मुद्दे पर एक दिवसीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अनूपपुर, उमरिया और डिंडोरी को वामपंथी चरमपंथ प्रभावित श्रेणी में रखने की मांग की। बालाघाट और मांडला जिले पहले ही इस श्रेणी में हैं।

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ठळक मुद्देमलनाथ ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य के तीन और जिलों को नक्सल प्रभावित श्रेणी में शामिल किया जाए तथा नक्सल प्रभावित इलाकों के लिये और विशेष बटालियनों की मांग की। दो जिले पहले ही वामपंथी चरमपंथ से प्रभावित श्रेणी में हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य के तीन और जिलों को नक्सल प्रभावित श्रेणी में शामिल किया जाए तथा नक्सल प्रभावित इलाकों के लिये और विशेष बटालियनों की मांग की। दो जिले पहले ही वामपंथी चरमपंथ से प्रभावित श्रेणी में हैं।

प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि नक्सल मुद्दे पर यहां एक दिवसीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अनूपपुर, उमरिया और डिंडोरी को वामपंथी चरमपंथ प्रभावित श्रेणी में रखने की मांग की। बालाघाट और मांडला जिले पहले ही इस श्रेणी में हैं।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने इन तीन जिलों में (नक्सल) समस्या पर लगाम के लिये केंद्र और राज्य के बीच समन्वित रणनीति का आह्वान किया। उन्होंने इन तीन जिलों में एकीकृत कार्य योजना की तर्ज पर विकास कार्य शुरू करने का भी अनुरोध किया।” नाथ ने भारतीय रिजर्व बटालियन के अतिरिक्त जवानों की तैनाती का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाम उग्रवाद प्रभावित बालाघाट और मंडला जिलों में खराब नेटवर्क के कारण सूचना संग्रहित करने और साझा करने में मुख्य मुद्दा है। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इन दोनों जिलों में 4जी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराए।

अधिकारी ने कहा कि कमलनाथ ने जानकारी दी कि इन इलाकों में संचार नेटवर्क काफी हद तक पुलिस वायरलेस सिस्टम पर निर्भर होता है और टेलीफोन एवं मोबाइल के खराब नेटवर्क के कारण 50 फीसदी आदिवासी विकास खंडों में सिर्फ 2जी नेटवर्क आता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बालाघाट में दो सड़कों एवं एक सेतु और मंडला में दो सड़कों एवं तीन सेतुओं के निर्माण के लिए 33.74 करोड़ रुपये मुहैया कराये जाएं। 

टॅग्स :कमलनाथमध्य प्रदेश
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