लाइव न्यूज़ :

मध्यप्रदेशः सीएम कमलनाथ ने सभी हारे प्रत्याशियों को बुलाया, खोली सबकी "कुंडली"

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 6, 2019 02:49 IST

कमलनाथ ने बैठक में इस बात के संकेत भी दिए कि जिला योजना समितियों में इन प्रत्याशियों को पद मिल सकता है. ये समितियां जल्द ही भंग की जाएंगी.

Open in App

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पार्टी के विधानसभा चुनाव हारे सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक में हार के कारण जाने. अधिकांश प्रत्याशियों ने पार्टी के नेताओं द्वारा भीतरघात किए जाने और अधिकारियों द्वारा भाजपा के पक्ष में काम करने को हार का प्रमुख कारण बताया. वहीं धनबल के साथ भाजपा प्रत्याशी की जीत बताई.

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई इस बैठक में कमलनाथ के सामने सभी हारे प्रत्याशियों ने खुलकर अपना दुखड़ा सुनाया और अधिकारियों को उनकी हार के लिए दोषी करार दिया. कुछ प्रत्याशी जब अधिकारियों के नाम बताने लगे तो कमलनाथ ने उनसे कहा कि वे उन्हें अलग से नाम बता दें. वैसे उन्होंने सर्वे करा चुके हैं कि कौन अधिकारी भाजपा में पक्ष में काम कर रहा था. वहीं अधिकांश प्रत्याशियों ने हार के लिए भीतरघात को भी प्रमुख कारण बताया. बैठक में वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव भी पहुंचे थे. अजय सिंह ने तो खुलकर एक वन विभाग के अधिकारी का नाम बताया और कहा कि इनके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा. बैठक में कमलनाथ ने इस बात के संकेत भी दिए कि कोई भी प्रत्याशी अपने को हारा प्रत्याशी नहीं समझे. वे सभी का सम्मान बरकरार रखेंगे. उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए कि प्रदेश में सभी को किसी न किसी पद पर आसीन किया जाएगा. साथ ही सभी को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने को कहा. कमलनाथ ने बैठक में इस बात के संकेत भी दिए कि जिला योजना समितियों में इन प्रत्याशियों को पद मिल सकता है. ये समितियां जल्द ही भंग की जाएंगी.

सरताज ने कहा संगठन करें मजबूत

भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए सरताज सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर अपनी हार का अलग से कारण बताएंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे फिलहाल होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को यही कहना चाहता हूं कि वे प्रदेश में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करें और कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर हैं. हमें अगर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में अच्छे परिणाम चाहिए तो सबसे पहले संगठन को मजबूत करना होगा.

टॅग्स :मध्य प्रदेशकमलनाथ
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

कारोबार1 अप्रैल को झटका, मध्य प्रदेश में दूध महंगा, 2-4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा?

कारोबारविश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू, सीएम मोहन यादव बोले- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया