Lok Sabha Speaker nominates 15 MPs as associate members of Delimitation Commission | लोकसभा अध्यक्ष ने 15 सांसदों को परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्यों के रूप में नामित किया
लोकसभा अध्यक्ष ने 15 सांसदों को परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्यों के रूप में नामित किया

Highlightsपरिसीमन आयोग के ‘‘सहयोगी सदस्यों’’ के रूप में नामित इन 15 सांसदों में दो केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।परिसीमन आयोग ने लोकसभा अध्यक्ष और पूर्वोत्तर के चार राज्यों की विधानसभा के अध्यक्षों को हाल में पत्र लिखकर समिति के सहायक सदस्यों के नाम देने को कहा था।

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के 15 सांसदों को पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में समिति की सहायता के लिए परिसीमन आयोग के ‘‘सहयोगी सदस्यों’’ के रूप में नामित किया है। इन 15 सांसदों में दो केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह शामिल हैं। परिसीमन आयोग ने लोकसभा अध्यक्ष और पूर्वोत्तर के चार राज्यों की विधानसभा के अध्यक्षों को हाल में पत्र लिखकर समिति के सहायक सदस्यों के नाम देने को कहा था। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल कोई विधानसभा नहीं है। यह एक केंद्र शासित क्षेत्र हैं जहां विधानसभा का प्रावधान है।

संसद सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य इस कार्य में आयोग की मदद के लिये शामिल किये जाते हैं। गत 26 मई के लोकसभा बुलेटिन के अनुसार केन्द्रीय मंत्री रिजिजू और तपीर गाओ अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। असम का प्रतिनिधित्व पल्लब लोचन दास, अब्दुल खालिक, राजदीप रॉय, दिलीप सैकिया और नबा (हीरा) कुमार सरानिया द्वारा किया जायेगा। परिसीमन आयोग में मणिपुर से लोरहो एस पीफोजे और रंजन सिंह राजकुमार शामिल होंगे जबकि नगालैंड का प्रतिनिधित्व तोखेहो येप्थोमी करेंगे।

जम्मू कश्मीर से फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन, हसनैन मसूदी, जुगल किशोर शर्मा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह समिति में सहयोगी सदस्यों के रूप में शामिल होंगे। सरकार ने छह मार्च को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर पी देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग का गठन किया था जिसे केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना है। निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा और जम्मू-कश्मीर तथा चार राज्यों के प्रदेश निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन सदस्य होंगे। विधि मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना के मुताबिक, आयोग जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करेगा जबकि परिसीमन अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के मुताबिक असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा।

Web Title: Lok Sabha Speaker nominates 15 MPs as associate members of Delimitation Commission
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