लाइव न्यूज़ :

लोकसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा 3 राज्यों के नतीजों का असर, 'महागठबंधन' केवल एक भ्रम: अमित शाह

By भाषा | Updated: December 19, 2018 16:12 IST

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “केवल भाजपा के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए जरूरी है कि एक मजबूत सरकार सत्ता में आए।”

Open in App

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष के ‘महागठबंधन’ को बुधवार को कमतर आंकते हुए उसे एक भ्रम बताया और भरोसा जताया कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा सत्ता में बरकरार रहेगी। यहां रिपब्लिक समिट में शाह ने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि शिवसेना अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा का साथ देगी। उन्होंने कहा कि उनके साथ बातचीत जारी है।

शाह ने कहा, “विपक्ष के ‘महागठबंधन’ की वास्तविकता अलग है। इसका कोई अस्तित्व नहीं है और यह एक ‘भ्रान्ति’ है।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “महागठबंधन का कहीं अस्तित्व नहीं है। हम 2014 में इन सभी के खिलाफ लड़े थे और सरकार बनाने के लिए इन्हें हराया था। वे सभी क्षेत्रीय नेता हैं, वे एक-दूसरे की मदद नहीं कर सकते।” 

शाह ने कहा कि 2019 में भाजपा को पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर और ओडिशा में फायदा होगा। उन्होंने कहा, “चुनाव के मुद्दे हैं : पांच साल में हमने राष्ट्रीय सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की और भ्रष्टाचार को कैसे हराया। हमने आठ करोड़ घरों में शौचालय बनाए और 2.5 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई।” 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “केवल भाजपा के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए जरूरी है कि एक मजबूत सरकार सत्ता में आए।” उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम निश्चित तौर पर भाजपा के पक्ष में नहीं रहे, लेकिन उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखना सही नहीं है।

शाह ने कहा कि विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव परिणाम से नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि दोनों चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं। उन्होंने कहा, “यह हमारा काम है कि हम लोगों के लिए काम करें और उन्हें राजी करें लेकिन अगर जनादेश हमारे खिलाफ है तो हम उसे भी स्वीकार करते हैं।” 

उन्होंने कहा, “मैं विश्लेषण के खिलाफ नहीं हूं लेकिन चुनाव विभिन्न मुद्दों पर लड़े जाते हैं। जमीनी स्तर पर मुद्दे अलग-अलग होते हैं।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘2014 में भाजपा की छह राज्यों में सरकार थी और अब हमारी सरकार 16 राज्यों में है। तो अब बताइये कि 2019 के चुनाव कौन जीतेगा।” 

उन्होंने कहा, “हम जनादेश (राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में) स्वीकार करते हैं। हम चुनाव परिणामों पर आत्ममंथन करेंगे।” शाह ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि 2019 के चुनावों में नरेंद्र मोदी के खिलाफ किसे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार खड़ा किया जाता है।

उन्होंने कहा, “हम अपनी ताकत के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं न कि दूसरों की कमजोरी के आधार पर।” 

टॅग्स :अमित शाह
Open in App

संबंधित खबरें

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारतछत्तीसगढ़ नक्सली समर्पणः सरकार चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं!

भारत'मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया': अमित शाह ने कांग्रेस से पूछा आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ?

भारतआपके घर में क्या-क्या है?, जनगणना के पहले चरण के लिए 33 प्रश्न जारी, लिव-इन में रहने वाले 2 लोग एक-दूसरे को अपना मानते हैं तो दंपति के समान?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील