लाइव न्यूज़ :

चुनावी मैदान में नहीं दिखाई दे रहा तीसरा मोर्चा, बीजेपी-कांग्रेस पर दबाव बनाने वाले आदिवासी संगठन-राजनीतिक दल भी हुए शांत

By राजेंद्र पाराशर | Updated: March 29, 2019 05:56 IST

विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा पर दबाव बनाने वाला तीसरा मोर्चा लोकसभा चुनाव के पहले ही बिखरा हुआ नजर आने लगा है. करीब आधा दर्जन तीसरा मोर्चा के दलों का मैदान से गायब होना भाजपा और कांग्रेस के लिए एक तरह से अच्छे संकेत भी हैं. 

Open in App

लोकसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में इस बार तीसरा मोर्चा मैदान में सक्रियता नहीं दिखा पा रहा है. बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी वैसे तो गठबंधन के सहारे मैदान में उतरने का फैसला कर चुके हैं, मगर दोनों ही दल अब तक चुनाव के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय नहीं कर पाए हैं. सपा का तो संगठन ही गायब है, जिसके चलते कार्यकर्ता बिखरा हुआ है. वहीं आम आदमी पार्टी मैदान से बाहर हो चुकी है.

विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा पर दबाव बनाने वाला तीसरा मोर्चा लोकसभा चुनाव के पहले ही बिखरा हुआ नजर आने लगा है. करीब आधा दर्जन तीसरा मोर्चा के दलों का मैदान से गायब होना भाजपा और कांग्रेस के लिए एक तरह से अच्छे संकेत भी हैं. 

राज्य में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जमकर भाजपा, कांग्रेस पर दबाव बनाया था, मगर परिणाम के निराशा हाथ लगी तो लोकसभा चुनाव में ये दल शांत नजर आ रहे हैं. बसपा और सपा गठबंधन के सहारे मैदान में उतर रहा है, 26 सीटों पर बसपा और 3 पर सपा के प्रत्याशी मैदान में उतारने का समझौता हुआ है, मगर अब तक दोनों दलों ने मात्र 3 संसदीय क्षेत्रों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पूरी की है. 

इसके अलावा दोनों ही दलों का कार्यकर्ता मैदान में नजर नहीं आ रहा है. बसपा का कार्यकर्ता इस बार पूरी तरह शांत नजर आ रहा है, तो सपा का अपना संगठन ही नहीं है. विधानसभा चुनाव के बाद भंग की सपा की कार्यकारिणी का भी अब तक गठन नहीं हुआ है, जिसके चलते उसका कार्यकर्ता बिखर गया है.

गोंगपा,जयस को नहीं मिला सहारा

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) को कांग्रेस और भाजपा का सहारा नहीं मिल पा रहा है. दोनों ही दलों ने कांग्रेस पर गठबंधन के लिए दबाव तो बनाया, मगर उन्हें इस दबाव में सफलता हासिल नहीं हुई है, जिसके चलते ये दल अब मौन हो गए हैं. जयस तो भाजपा से संपर्क कर रहा है, वहीं गोंगपा ने सपा से संपर्क किया, मगर उसे वहां से भी सफलता हासिल नहीं हुई.

आप ने छोड़ा मैदान

आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में मैदान छोड़ चुकी है. विधानसभा चुनाव में 208 प्रत्याशी मैदान में उतारे, मगर सभी की जमानतें जब्त हो गई. इसके बाद लोकसभा चुनाव में इस दल ने भी दूरी बना ली है.

सपाक्स केवल बैठकों तक सीमित

एट्रोसिटी एक्ट के बाद सपाक्स संगठन का गठन हुआ और विधानसभा चुनाव में भाजपा पर खासा दबाव बनाया, मगर इस बार यह संगठन भी मैदान में उतना सक्रिय नजर नहीं आ रहा है, जितना की विधानसभा चुनाव के दौरान सक्रिय था. सपाक्स द्वारा 15 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारने की बात तो कही जा रही है, मगर चुनावी रणनीति के लिए केवल बैठकों का दौर ही चल रहा है. फिलहाल मैदान में इस दल की भी सक्रियता नजर नहीं आ रही है.

टॅग्स :लोकसभा चुनावभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसमध्य प्रदेश
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह