Lok Sabha Elections 2019: Exit Poll predictions are very diffusive, What are indication | लोकसभा चुनाव 2019ः एग्जिट पोल के निष्कर्षों के बीच गहरी खाई, किस तरफ है इशारा?
लोकसभा चुनाव 2019ः एग्जिट पोल के निष्कर्षों के बीच गहरी खाई, किस तरफ है इशारा?

Highlightsजब एग्जिट पोल के दावों का परीक्षण राज्यवार किया जाता है, तो हकीकत कुछ और नजर आते हैं. संख्याओं की यह व्यापक भिन्नता एग्जिट पोल को विरोधाभासी बनाती है.सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में आंकड़ों में अत्यधिक अंतर दिख रहा है.

सभी एग्जिट पोल में लोकसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राजग को बहुमत की संभावना जताई गई है. साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 33 या उससे अधिक सीटें दी हैं. हालांकि बारीकि से देखा जाए तो सभी एग्जिट पोल में विरोधाभास दिख रहा है. तीन एक्जिट पोल (इंडिया टुडे-एक्सिस, टुडेज चाणक्य और न्यूज 18) ने राजग को 336 से 350 के बीच सीटें दी हैं, लेकिन जब उनके दावों का परीक्षण राज्यवार किया जाता है, तो हकीकत कुछ और नजर आते हैं.

उदाहरण के लिए न्यूज 18 ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को राज्य की 48 सीटों में से 42-45 सीटें दी हैं, लेकिन इंडिया टुडे-एक्सिस इसे चार सीटें कम देता है. वहीं टुडेज चाणक्य का पोल बेहद मजेदार है. उसने इस गठबंधन को 38 सीटें दी हैं, जिनमें 5 सीटें कम या अधिक हो सकती हैं. बेशक अन्य पोल इस बात पर एकमत हैं कि राजग को न्यूनतम 34 सीटें मिलेंगी. इन एग्जिट पोल में कांग्रेस-राकांपा को 4 से 14 सीटें दी हैं और इस आंकड़े के बीच का दायरा बहुत अधिक है.

संख्याओं की यह व्यापक भिन्नता एक्जिट पोल को विरोधाभासी बनाती है. टुडेज चाणक्य या उसके एग्जिट पोल का प्रसारण करने वाले चैनल ने इस विरोधाभास के पीछे कोई तर्क नहीं दिया है. टुडेज चाणक्य से ईमेल के जरिये संपर्क किया गया, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. इंडिया टुडे एक्सिस के प्रदीप गुप्ता से प्रतिक्रिया जानने की कोशिश भी विफल रही. हालांकि टीवी चैनल पर वह अपना तर्क रख रहे हैं, लेकिन इतने उतार-चढ़ाव पर उन्होंने भी चुप्पी साध रखी है.

सर्वे करने वाली इपसोस है गुमनाम

कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाले न्यूज 18 के लिए सर्वे करने वाली कंपनी इपसोस का चेहरा किसी ने नहीं देखा है. दिलचस्प बात यह है कि राजीव शुक्ला के न्यूज 24 समूह को मुकेश अंबानी का करीबी माना जाता है. इन तीन एग्जिट पोल को छोड़कर अन्य सात ने राजग के 277 से 306 सीटों के दायरे में रहने की बात कही है. साथ ही उनका यह भी आकलन है कि भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलेगा.

सीटों के आंकड़ों में बेहद उतार-चढ़ाव 

सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में आंकड़ों में अत्यधिक अंतर दिख रहा है. तीन एग्जिट पोल में वहां की 80 सीटों में से राजग को 60-68 सीटें दी गई हैं. वहीं, सात अन्य एक्जिट पोल में राजग को 33 से 58 सीटें मिलती दिख रही हैं. चोटी के इन तीन एक्जिट पोल के आंकड़ों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव ओडिशा में और अधिक स्पष्ट रूप से दिखा. अगर टुडेज चाणक्य ने ओडिशा में भाजपा को 14 सीटें दीं, तो इंडिया टुडे एक्सिस ने इस पार्टी का वहां खाता भी नहीं खुलता दिखाया. न्यूज 18 के मुताबिक, भाजपा को ओडिशा में 6-8 सीटें मिल रही हैं.


Web Title: Lok Sabha Elections 2019: Exit Poll predictions are very diffusive, What are indication