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बीजेपी का संकल्प पत्र बनाम कांग्रेस की न्याय योजना, जानिए किसमें है कितना दम

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 8, 2019 19:21 IST

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी घोषणापत्र जारी कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता, पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्यों की उपस्थिति में पार्टी ने दिल्ली में घोषणापत्र का विमोचन किया।

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ठळक मुद्देभाजपा ने इसे संकल्प पत्र कहा है, वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्याय योजना का नाम दिया है। कांग्रेस अपने घोषणापत्र को पहले लाकर वोटरों को साधने में जुटी है।राहुल गांधी हर मंच से रोजगार को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं।

सतीश कुमार सिंह

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल से शुरू होगा। पहले दिन के मतदान से महज दो दिन पहले सोमवार को बीजेपी ने अपना घोषणा पत्र जारी किया जिसे 'संकल्प पत्र' नाम दिया गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख दल घोषणापत्र के साथ चुनावी मैदान में पहुंच गए। लोकतंत्र के महापर्व में जनता को नए सब्जबाग दिखाकर होड़ में आगे बढ़ना चाहते हैं। कांग्रेस के हम निभाएंगे के वाले घोषणापत्र के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने संकल्पित भारत, सशक्त भारत नाम से अपना घोषणापत्र जारी किया है।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी घोषणापत्र जारी कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता, पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्यों की उपस्थिति में पार्टी ने दिल्ली में घोषणापत्र का विमोचन किया। राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते अपना घोषणापत्र जारी करते हुए 5 योजनाओं का जिक्र किया था।

भाजपा ने इसे संकल्प पत्र कहा है, वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्याय योजना का नाम दिया है। कांग्रेस अपने घोषणापत्र को पहले लाकर वोटरों को साधने में जुटी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस अपनी न्याय योजना के साथ हम निभाएंगे के साथ फ्रंटफुट पर खेल रही। साथ में मोदी सरकार पर रोजगार को लेकर हमला कर रही है।

राहुल गांधी हर मंच से रोजगार को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं। जहां पीएम नरेंद्र मोदी मैं भी चौकीदार, पूरा देश चौकीदार का नारा दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रचार के दौरान पीएम पर हमला कर कह रहे हैं कि देश का चौकीदार चोर हैं। अब देखना है कि जुबानी जंग के साथ यह घोषणापत्र पर जनता किस पर मुहर लगाती है। देखना है कि ऊंट किस ओर करवट लेगा।

भाजपा बनाम कांग्रेस- मास्टरस्ट्रोक

किसान पर दांव

किसान और जवान देश के अहम मुद्दे हैं। क्योंकि दोनों अहम रोल निभाते हैं। कांग्रेस ने किसानों के लिए अलग से बजट बनाने के अलावा कर्ज न अदा कर पाने की स्थिति में क्रिमिनल आफेंस को खत्म करने का वादा किया है, जबकि भाजपा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2 हेक्टेयर की सीमा खत्म कर सभी किसानों को हर साल 6 हजार रुपये देने का वादा। 60 साल के किसान को पेंशन देने को कहा है। किसान के मुद्दे पर भाजपा तीन राज्य में विधानसभा चुनाव हार चुकी है। यानी किसानों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा को घाव दे चुके हैं।

रोजगारः सबको चाहिए नौकरी...

लोकसभा चुनाव में रोजगार अहम मुद्दा है। पीएम मोदी ने 2014 में वादा किया था कि हर साल 2 करोड़ नौकरी देंगे। इस मुद्दे को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भुना रहे हैं। प्रचार के दौरान राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला कर रहे हैं।

देश में मोदी जी ने नौकरी खत्म कर दी। राहुल गांधी ने 22 लाख सरकारी नौकरियां के रिक्त पदों को भरने का वादा किया है। 10 लाख युवा को ग्राम पंचायत में रोजगार देने का वादा किया है।

भाजपा के संकल्प पत्र में रोजगार सृजन पर कोई ठोस वादा नहीं है। संकल्प पत्र में कहा गया है कि कर नीति में बदलाव से नए रोजगार पैदा करेंगे। रोजगार सृजन के लिए उद्यमशील उत्तरपूर्व योजना की स्थापना की जाएगी।

गरीब का रखेंगे ख्याल...

भारत में जब-जब चुनाव हुए है, गरीब को हर दल याद करते हैं। गरीब कल्याण की बात करते हैं। चुनाव खत्म होते ही गरीब को भूल जाते हैं। गरीबी हटाओ देश बचाओ का नारा इंदिरा गांधी ने 1971 के चुनाव में दिया था। इस बार कांग्रेस फिर से गरीबी हटाओ का नारा दिया है। इसके तहत देश में 20 फीसदी गरीब परिवार को 72 हजार रुपये देने का वादा किया है। भाजपा ने गरीबी रेखा से नीचे जिंदगी गुजार रहे परिवार को 2022 तक पक्का मकान देने का वादा किया है। अनाज के साथ चीनी पर भी सब्सिडी दी जाएगी। यानी प्रति परिवार 13 किलोग्राम चीनी भी दी जाएगी।

ग्रामीण भारत पर फोकस...

भारत की आत्मा गांव में बसती है। गांव के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है। भाजपा ने आदिवासियों को रोजगार देने के लिए ५०००० वन-धन विकास केंद्रों की स्थापना करने का संकल्प लिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने ग्रामीणों को साधने के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत १०० दिन के बजाए अब १५० दिन रोजगार की गारंटी का वादा किया है। 

शिक्षा और स्वास्थ्य अहम मुद्दे...

देश में चुनाव के समय ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर नेता जागते हैं। पांच साल तक कोई भी दल इस पर चर्चा भी कभी-कभार कर लेते हैं। भाजपा ने इस बार बजट में आयुष्मान योजना के तहत हर परिवार को सलाना 5 लाख मेडिकल इंश्योरेंस देने का वादा किया है। इसको देखते हुए कांग्रेस ने हम निभाएंगे घोषणापत्र में शिक्षा पर बजट का 6 फीसदी पैसा खर्च करने का वादा किया है। स्वास्थ्य सेवा के लिए हेल्थ बीमा योजना के बजाए सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाने का वादा किया है। भाजपा ने 2022 तक टेलिमेडिसिन के तहत गरीब के दरवाजे तक प्राथमिक उपचार देने का वादा किया है। 2024 तक हर जिले में एक मेडिकल कालेज स्थापित करने का वादा किया। 

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