जयपुर लोकसभा सीट राजस्थान की इकलौती सीट है जिस पर पिछले लोस चुनाव में बीजेपी ने पांच लाख से ज्यादा मतों के अंतर से जीत दर्ज करवाई थी.
वोटों के अंतर के लिहाज से यह सीट कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि, एक तो- इन दिनों जयपुर की सियासी तस्वीर बदली-बदली-सी है, और दूसरा- बतौर कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल की एंट्री से जयपुर की जंग दिलचस्प बन गई है.
पिछले लोस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रामचरण बोहरा ने 863358 वोट प्राप्त करके यह सीट 539345 वोट के बड़े अंतर से जीत ली थी.
लेकिन, इन पांच वर्षों में जयपुर लोस क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है. पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी जैसे नेता बीजेपी छोड़ चुके हैं, तो जयपुर महापौर विष्णु लाटा न केवल बीजेपी से बगावत करके चुनाव जीते, बल्कि अब कांग्रेस के साथ हैं.
ज्योति खंडेलवाल का प्रेस को कहना है कि- बतौर सांसद रामचरण बोहरा के पास जयपुर के लिए कोई उपलब्धि नहीं है और केवल पीएम मोदी के नाम पर वे चुनाव नहीं जीत सकते हैं.
जयपुर लोस क्षेत्र में आठ विस क्षेत्र शामिल हैं- हवामहल, विद्याधर नगर, सिविल लाइन्स, किशनपोल, आदर्श नगर, मालवीय नगर, सांगानेर और बगरू. विस चुनाव 2018 में कांग्रेस यहां की आठ विस सीटों में से पांच सीटें जीतने में कामयाब रही है, इसलिए कांग्रेसी उत्साहित हैं कि इस बार जीत मिल सकती है.
हालांकि, विस चुनाव में तो बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री अरूण चतुर्वेदी जैसे बड़े नेता ही चुनाव हार गए थे, बावजूद इसके बीजेपी के इस गढ़ में कांग्रेस के लिए जीत दर्ज करवाना इतना आसान भी नहीं है.