LOK SABHA ELECTION 2019: BJP CANDIDATE SATYENDRA PACHAURI VS SRIPAKSH JAISWAL | लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस उम्मीदवार फिर जीत की कोशिश में, भाजपा के लिए कब्ज़ा बरकरार रखना है चुनौती
image source- Zee News

Highlightsतीन बार सांसद रहे जायसवाल और पचौरी दोनों ने पिछले कुछ दिन में कानपुर में जमकर प्रचार किया है।भाजपा ने सत्यदेव पचौरी को प्रत्याशी चुना है.

कानपुर लोकसभा में सोमवार को होने वाले मतदान में 16 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं जहां मुख्य रूप से मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच बताया जा रहा है। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल इस सीट पर फिर से जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं।

वह 2014 के चुनाव में भाजपा के मुरली मनोहर जोशी से हार गये थे। इस बार भाजपा ने सत्यदेव पचौरी को प्रत्याशी चुना है और वह भी इस बार ‘बड़ी मोदी लहर’ होने का दावा करते हुए विजय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ यहां थोड़ा असंतोष दिखाई दिया लेकिन पचौरी ने दावा किया कि इस बार बड़ा मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा है, स्थानीय मुद्दे नहीं।

जोशी ने 2014 में जायसवाल को 2,22,946 वोटों से हराया था। लोग उनसे लंबे समय से अटके सीओडी फ्लाईओवर परियोजना और प्रसिद्ध लाल इमली मिल के पुनरुद्धार का काम पूरा होने समेत अनेक परियोजनाओं की उम्मीद कर रहे थे। मॉल रोड इलाके में रहने वाले कपड़ा व्यवसायी नीरज रस्तोगी ने कहा, ‘‘लोग जोशीजी से नाखुश हैं। हम वरिष्ठ नेता के तौर पर उनका सम्मान करते हैं, लेकिन सांसद के नाते उन्होंने पांच साल तक हमसे कोई बात नहीं की।

वह चुनाव नहीं लड़ रहे, इस बात से हम नाखुश नहीं हैं।’’ मिठाई विक्रेता विवेक शुक्ला तथा ऑटोरिक्शा चालक अब्दुल गनी ने भी दावा किया कि जोशी के सांसद रहते कानपुर में ज्यादा कुछ नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री पचौरी ने दावा किया कि जोशी के कार्यकाल में बहुत काम हुआ है और अगर इस बार वह सांसद चुने जाते हैं तो एक साल के अंदर सीओडी फ्लाईओवर का काम पूरा कराएंगे।

पचौरी ने दावा किया कि जनादेश भाजपा के पक्ष में होगा और सपा के रामकुमार गिनती में भी नहीं हैं। एक समय ‘पूरब का मैनचेस्टर’ कहे जाने वाले शहर के अधिकतर निवासी मानते हैं कि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में है। गोविंद नगर से विधायक पचौरी ने कहा कि 2004 के चुनाव में वह जरूर मामूली अंतर से जायसवाल से हार गये थे लेकिन 2014 के चुनाव और ‘मोदी फैक्टर’ के कारण इस बार परिणाम विपरीत आएंगे।

तीन बार सांसद रहे जायसवाल और पचौरी दोनों ने पिछले कुछ दिन में कानपुर में जमकर प्रचार किया है। उधर शहर के कई मतदाता ऐसे भी हैं जो किसी भी उम्मीदवार का चयन नहीं कर पा रहे। विधानसभा में वोट डाल चुके और लोकसभा के लिए पहली बार वोट डालने वाले ऐसे ही मतदाता रवि कुमार ने कहा, ‘‘मैं इस समय संशय में हूं किसका समर्थन करूं।

मुझे पता है कि नोटा का बटन दबाकर सभी उम्मीदवारों को नकारा जा सकता है।’’ शहर के कई नागरिकों को ‘नोटा’ के बारे में जानकारी नहीं है। फल विक्रेता राम शंकर को पता है कि वोट किसे देना है लेकिन उसे नोटा की कोई जानकारी नहीं है। 


Web Title: LOK SABHA ELECTION 2019: BJP CANDIDATE SATYENDRA PACHAURI VS SRIPAKSH JAISWAL