lok sabha election 2019 | जानिए लोसकभा चुनाव में कौन सी पार्टी एक और दो पर कौन, द्रमुक तीसरी बड़ी पार्टी, तृणमूल-वाईएसआर चौथे नंबर पर 
पीएम नरेंद्र मोदी में हार गए सारे सूरमा, कांग्रेस बेहाल, विपक्ष परेशान।

Highlightsदेश में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बीच अधिकतर विपक्षी नेताओं के परिवार के वारिसों को हार का सामना करना पड़ा।नवनिर्वाचित लोकसभा के करीब 12 प्रतिशत सदस्यों की उम्र 40 साल से कम की है। यह जानकारी एक थिंकटैंक ने दी है।

लोकसभा में संख्याबल के मामले में द्रमुक तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रहेगी, जबकि तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहेंगे।

आम चुनावों के आए नतीजों में भाजपा ने सर्वाधिक 303 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 52 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। द्रमुक 23 सांसदों के साथ इस सूची में तीसरे, जबकि तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस 22-22 सीटों के साथ चौथे स्थान पर रहे।

थिंक टैंक ‘पीआरएस लेजिस्लेटिव’ ने कहा कि इस बार करीब 397 सांसद राष्ट्रीय दलों से चुने गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से 303 सांसद भाजपा, 52 सांसद कांग्रेस और 22 सांसद तृणमूल कांग्रेस से जीतकर आए हैं। प्रादेशिक दलों में से द्रमुक (23) और वाईएसआर कांग्रेस (22) ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं।’’

पिछले आम चुनावों में, जयललिता नीत अन्नाद्रमुक तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही थी, जबकि ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस चौथे स्थान पर रही थी।

विपक्ष के वारिसों को मिली नाकामी, राजग के अधिकतर जीते

देश में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बीच अधिकतर विपक्षी नेताओं के परिवार के वारिसों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि राजग के अधिकतर उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी सीट से हार गए। कांग्रेस का इस सीट पर लंबे समय से कब्जा था।

चार बार कांग्रेस के सांसद रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश में गुना से हार गए। इस सीट पर उनके पिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया का कब्जा था। कांग्रेस के पास 1999 से यह सीट थी । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा रोहतक की सीट नहीं बचा पाए।

महाराष्ट्र में राकांपा नेता अजित पवार के बेटे पार्थ, मुरली देवड़ा के बेटे मिलिंद देवड़ा और शंकरराव चव्हाण के बेटे अशोक चव्हाण भी क्रमश: मावल, मुंबई दक्षिण और नांदेड़ सीट से चुनाव हार गए । भाषा 


नयी लोकसभा में 12 प्रतिशत सांसदों की आयु 40 साल से कम

नवनिर्वाचित लोकसभा के करीब 12 प्रतिशत सदस्यों की उम्र 40 साल से कम की है। यह जानकारी एक थिंकटैंक ने दी है। ‘पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च’ संस्था ने कहा कि 16वीं लोकसभा में आठ प्रतिशत सांसद थे जिनकी उम्र 40 साल से कम थी।

उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा में 12 प्रतिशत सांसदों की उम्र 40 साल से कम की है। इसके अलावा, 17वीं लोकसभा में महिला सांसदों की उम्र औसतन आधार पर पुरुष सांसदों के मुकाबले छह साल कम है। 


Web Title: lok sabha election 2019