लाइव न्यूज़ :

Lockdown: प्रवासी मजदूरों को शर्तों के साथ मिलेगी राज्य के भीतर आने-जाने की अनुमति

By भाषा | Updated: April 20, 2020 05:47 IST

गृह सचिव अजय भल्ला ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा कि कि बंद के दौरान कामगारों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं होगी।

Open in App
ठळक मुद्देकेंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित इलाकों में 20 अप्रैल से चुनिंदा आर्थिक गतिविधियों को आंशिक तौर पर शुरू करने को लेकर रविवार को दिशानिर्देश जारी किये। इसके अनुसार प्रवासी मजदूर लॉकडाउन (बंद) की अवधि के दौरान राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह आ-जा सकेंगे। हालांकि एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित इलाकों में 20 अप्रैल से चुनिंदा आर्थिक गतिविधियों को आंशिक तौर पर शुरू करने को लेकर रविवार को दिशानिर्देश जारी किये। इसके अनुसार प्रवासी मजदूर लॉकडाउन (बंद) की अवधि के दौरान राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह आ-जा सकेंगे। हालांकि एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।

गृह सचिव अजय भल्ला ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा कि कि बंद के दौरान कामगारों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं होगी। देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये बंद लागू है। पहले 21 दिनों का शुरुआती बंद 14 अप्रैल को समाप्त हो गया, लेकिन अब बंद की अवधि बढ़ाकर तीन मई कर दी गयी है।

भल्ला द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कोरोना वायरस फैलने के कारण कृषि, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले कामगार अपने संबंधित कार्य स्थल से निकल गये और फिलहाल विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संचालित राहत कैंपों में रह रहे हैं। यह आदेश ऐसे समय आया है जब मुंबई, सूरत और दिल्ली जैसे शहरों में फंसे रह गये प्रवासी मजदूर बंद के बावजूद अपने गृह प्रदेश जाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं।

आदेश के अनुसार चूंकि संक्रमण क्षेत्र के बाहर वाले क्षेत्रों में 20 अप्रैल से संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अतिरिक्त गतिविधियों शुरू करने की अनुमति दी गयी है, ऐसे में ये कामगार औद्योगिक, विनिर्माण, निर्माण, कृषि और मनरेगा के तहत काम कर सकते हैं। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भीतर उनकी आवाजाही के लिये कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। जो प्रवासी मजदूर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राहत शिविरों में रह रहे हैं, उनका पंजीकरण संबंधित स्थानीय प्राधिकरण को करना होगा। विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिये उनकी उपयुक्तता का पता लगाने के लिये उनके कौशल की जानकारी भी लेनी होगी।

इसमें कहा गया है कि प्रवासी मजदूरों का जो समूह राज्य के भीतर अपने कार्य स्थलों पर लौटना चाहता है, जहां वे अभी हैं, उनकी जांच की जानी चाहिए और जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है, उन्हें संबंधित कार्य स्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। आदेश में साफ कहा गया है कि मजदूरों को उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों से राज्य के बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी जहां वे फिलहाल रूके हुए हैं।

बस यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार यात्रा के लिये इस्तेमाल होने वाली बसों की अच्छी तरीके से साफ-सफाई की जाएगी। दिशानिर्देश के अनुसार यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन को मजदूरों के लिये खाना और पानी आदि की व्यवस्था करनी होगी।

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडियालोकमत हिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतRam Rasayan Book: 'राम रसायन' पुस्तक के बारे में बोले डॉ. विजय दर्डा, कहा- "यह किताब राम के चरित्र को अनुभव करने का जरिया"

भारत'Ram Rasayan' Book: रामकथा पर आधारित पुस्तक 'राम रसायन' का मुरारी बापू ने किया विमोचन

भारतLokmat Parliamentary Awards 2025: डॉ. विजय दर्डा ने कहा- लोकमत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया