पटना: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल जनशक्ति जनता दल (जजद) के प्रमुख एवं पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को बिहार में एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। दरअसल, इस बार मामला उनके निजी जीवन और एक मेडिकल रिपोर्ट से जुड़ा हुआ है। तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव और उसके बच्चे से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है। उन्होंने इसे साजिश बताया है। लेकिन इसबीच एक मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। यह पर्चा 7 अक्टूबर 2025 का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 साल की अनुष्का यादव का इलाज पटना के कंकड़बाग स्थित डॉ. ऋतु राज के वर्लिका मदरहुड हॉस्पिटल में चल रहा था।
मेडिकल पर्चे में अनुष्का यादव के पति के कॉलम में तेज प्रताप का नाम साफ तौर पर दर्ज है। पर्चे में अनुष्का की बीपी, स्वास्थ्य स्थिति और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी लिखी हुई है। इसी दस्तावेज के सार्वजनिक होने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ये तेज प्रताप कौन है? जिसका नाम इस पर्चे में दर्ज है। इतना ही नहीं तेज प्रताप यादव और डॉ. ऋतु राज की एक तस्वीर भी सामने आई है। यह तस्वीर भी वायरल हो रही है।
इससे मेडिकल रिपोर्ट को लेकर दावे और मजबूत होते दिख रहे हैं। हालांकि तेज प्रताप यादव प्रेस कांफ्रेंस कर इन सभी सबूतों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा है कि अनुष्का यादव या उसके बच्चे से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ “जयचंद” उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने आकाश भाटी नाम के व्यक्ति का जिक्र किया। तेज प्रताप का दावा है कि अनुष्का उसी के पास जाती थी और बच्चा भी उसी का है।
उन्होंने कहा कि यह सब उन्हें बदनाम करने की साजिश है। अगर किसी को शक है, तो आकाश भाटी और अनुष्का यादव से जाकर पूछे कि बच्चा किसका है? अब सवाल यह है कि अगर उनका कोई रिश्ता नहीं है, तो फिर इस डॉक्यूमेंट में उनका नाम कैसे आया? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनुष्का यादव अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुकी हैं। लेकिन अभी तक घर नहीं पहुंची हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तेज प्रताप यादव इन दावों को खारिज करने के लिए डीएनए जांच कराएंगे? इस तरह लालू परिवार एकबार फिर विवादों के घेरे में है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान तेज प्रताप यादव की चारों बहनें राबड़ी आवास से नाराज होकर बाहर निकल गई थीं\ उस वक्त इसे पारिवारिक और राजनीतिक नाराजगी से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि कहीं इस नाराजगी की एक बड़ी वजह तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़ा मामला तो नहीं था, जो अब खुलकर सामने आ रहा है। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि तेज प्रताप की सभी बहनें चाहती थीं कि उनके भाई का घर बसे। इसी वजह से वे उसके भविष्य को लेकर लगातार चिंतित रहती थीं। लेकिन “दूसरे खेमे” के कुछ लोग शायद तेज प्रताप को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते थे। यही वजह है कि परिवार के भीतर मतभेद गहराते चले गए।
परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, रोहिणी आचार्य शुरू से चाहती थीं कि तेज प्रताप यादव की पुरानी गलतियों को माफ कर उन्हें दोबारा राजद में शामिल किया जाए। चुनाव का समय था, मौका भी था और राजनीतिक तौर पर दस्तूर भी। लालू परिवार के कई करीबी मान रहे थे कि “फोटो कांड” के बाद तेज प्रताप की राजद में वापसी तय है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न तो राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इसकी इजाजत दी और न ही तेज प्रताप यादव ने खुद आगे कदम बढ़ाया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अनुष्का यादव की मेडिकल रिपोर्ट में “हसबैंड नेम” के कॉलम में तेज प्रताप यादव का नाम दर्ज होने की जानकारी पहले से परिवार को थी? अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. तेज प्रताप यादव के दावों में कितनी सच्चाई है? अनुष्का यादव के बच्चे का पिता कौन है? और राजद परिवार के भीतर असल में क्या चल रहा है? फिलहाल बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार में जो कुछ हो रहा है, वह किसी टीवी सीरियल की कहानी से कम नहीं लग रहा।