नई दिल्ली, 19 मईः कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलने के बाद जेडी(एस) नेता एचडी कुमारास्वामी ने अपने शपथ ग्रहण की घोषणा की है। वो बुधवार (23 मई) दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। इससे पहले उन्होंने सोमवार को शपथ ग्रहण की घोषणा की थी लेकिन उस दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि की वजह से समारोह आगे बढ़ा दिया।
कुमारास्वामी ने बताया, 'राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है लेकिन हम इससे बहुत पहले यह कर देंगे।’ कर्नाटक में कांग्रेस और जेडी(एस) के लिए यह एक बड़ी सफलता है। उनके शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गजों का जमावड़ा लग सकता है।
शपथ ग्रहण में समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष के शामिल होने की पूरी संभावना है। कुमारास्वामी ने बताया कि उन्होंने राहुल और सोनिया जी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण दिया है। कुमारास्वामी के कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने उन्हें फोन पर बधाई दी। शपथ ग्रहण समारोह में कई क्षेत्रीय दलों के दिग्गज नेताओं को बुलाया जाएगा।
कर्नाटक विधानसभा के नाटक की संपूर्ण कवरेज के लिए यहां क्लिक कीजिए।
कर्नाटक में कैसी होगी सत्ता साझेदारी
कांग्रेस कल इस बारे में फैसला करेगी कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में बनने जा रही सरकार में उसकी साझेदारी किस प्रकार की होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के दो वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और गुलाम नबी आजाद कल सुबह दिल्ली लौट रहे हैं जिसके बाद वे कर्नाटक की सत्ता में साझेदारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ चर्चा करेंगे।
एक सूत्र ने कहा कि राहुल गांधी के साथ बैठक में पार्टी नेता यह फैसला करेंगे कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस के कुल कितने मंत्री होंगे। माना जा रहा है कि कांग्रेस कोटे से कोई एक नेता उप मुख्यमंत्री बनेगा और इसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही बीजेपी की कर्नाटक में सरकार गिर गई है। येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के साथ ही कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट टल गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत पेश किया था। बीजेपी के पास 104 सीटें थी लेकिन बहुमत के लिए उसे 112 सीटों की जरूरत थी।
PTI-Bhasha Inputs