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कोरोना के डर के चलते बदामबारी को खोलने की तारीख आगे बढ़ाई गई, ट्यूलिप महोत्सव पर भी महामारी का साया

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 20, 2021 13:10 IST

पिछले साल बादाम के पेड़ों पर फूलों के रूप में आई बहार को कोरोना के कारण कश्मीरी नहीं देख पाए थे। ठीक ट्यूलिप गार्डन की तरह जिसे कोरोना की पहली लहर के कारण ताला जड़ दिया गया था।

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ठळक मुद्देअधिकारी 21 मार्च को बदामबारी को खोलने की बात रहे हैं पर ट्यूलिप गार्डन में आरंभ होने वाला जश्ने बहार कोरोना के बीच घिरता नजर आ रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 280 कनाल में फैले बदामबारी उद्यान को आज खोला जाना था।

जम्मू: कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते जम्मू कश्मीर की सुप्रसिद्ध बदामबारी को खोलने की तारीख आगे बढ़ा कर अब 21 मार्च कर दी गई है। यही कारण था कि पहली अप्रैल से आरंभ होने वाले जश्ने ट्यूलिप पर भी कोरोना का साया आ गया है, जिसके प्रति अधिकारी अब सरकार के नए दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 280 कनाल में फैले बदामबारी उद्यान को आज खोला जाना था। पर इसकी देखरेख करने वाले जेके बैंक ने अब इसे 21 मार्च को खोलने की बात कही है। हालांकि जेके बैंक के अधिकारियों का कहना थ कि वे इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के टच में हैं जो कोरोना की दूसरी लहर के चलते कुछ सख्त कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

जानकारी के लिए श्रीनगर में कोह-ए-मरान पहाड़ी की तलहटी में बसा 280 कनाल में फैला बदामबारी उद्यान बादाम के पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है जहां मार्च में आने वाले फूलों को देखने की खातिर हजारों की भीड़ जुटती है। करीब 14वीं शताब्दी में बनाए गए इस उद्यान को कई सालों तक तालाबंदी का शिकार होना पड़ा था और वर्ष 2008 में इसे खोला गया था।

पिछले साल बादाम के पेड़ों पर फूलों के रूप में आई बहार को कोरोना के कारण कश्मीरी नहीं देख पाए थे। ठीक ट्यूलिप गार्डन की तरह जिसे कोरोना की पहली लहर के कारण ताला जड़ दिया गया था। और अब एक बार फिर पूरे एक साल के बाद फिर से कोरोना का साया इन पर पड़ गया है।

हालांकि अधिकारी 21 मार्च को बदामबारी को खोलने की बात रहे हैं पर ट्यूलिप गार्डन में आरंभ होने वाला जश्ने बहार कोरोना के बीच घिरता नजर आ रहा है। कारण स्पष्ट है। प्रदेश में वर्तमान कोविड नियम 31 मार्च तक ही लागू हैं और सरकार कोरोना की दूसरी लहर के तेजी से फैलने के कारण इस महोत्व को रद्द करने पर भी गंभीरता से विचार करने लगी है।

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