लाइव न्यूज़ :

झारखंडः नक्सली हमले में शहीद हुए सुरक्षाबल के सात जवान

By एस पी सिन्हा | Updated: June 27, 2018 18:57 IST

बूढ़ा पहाड़ पर नक्सली हमले में शहीद होने वाले जवानों की संख्या सात हो गई है। सभी के शव रांची पहुंच गए हैं। चार घायल जवानों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हेलीकॉप्टर से पहले रांची के खेलगांव पहुंचाया गया।

Open in App

रांची 27 जून। झारखंड के लातेहार जिले के बू्ढ़ा पहाड़ पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों में एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। कोबरा बटालियन के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया गया है। उसके पास से एक इंसास राइफल और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

वहीं, बूढ़ा पहाड़ पर नक्सली हमले में शहीद होने वाले जवानों की संख्या सात हो गई है। सभी के शव रांची पहुंच गए हैं। चार घायल जवानों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हेलीकॉप्टर से पहले रांची के खेलगांव पहुंचाया गया। यहां से उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों के नाम सुभाष चंद सिंह, अशरफ अली, जोनी टोप्पो और अरविंद उरांव हैं। इनमें से एक जवान की मौत हो चुकी है, जिसके नाम का पता नहीं चल पाया है।

वहीं, गढवा के पुलिस उपमहानिरीक्षक विपुल शुक्ला ने बताया कि मंगलवार शाम लातेहार और गढ़वा जिले की सीमा पर स्थित छिंजो इलाके में नक्सलियों के होने की सूचना पर पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों से सामना होने पर नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर कर दी और गढवा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र के बूढ़ा पहाड़ के समीप पोलपोल गांव के पास सड़क के नीचे दबाकर रखी गई बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। इसमें झारखंड जगुआर के छह जवान शहीद हो गए। एक अन्य जवान ने बाद में दम तोड़ दिया। खराब मौसम की वजह से घायलों को रांची पहुंचाने में देरी हुई। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन दिन पूर्व खपरी महुआ के करीब माओवादिओं ने फायरिंग की थी। फायरिंग की आवाज सुनने के बाद मंगलवार को उन्हें घेरने के लिए जगुआर और सीआरपीएफ के जवान निकले थे। इसी क्रम में वे माओवादिओं के बिछाये लैंडमाइंस की चपेट में आ गए। 

इधर, एसटीएफ के डीआइजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि ऑपरेशन में जगुआर, सीआरपीएफ 112 एवं 172 बटालियन और कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। ऑपरेशन में गढवा और लातेहार एसपी भी ऑपरेशन में शामिल थे। बता दें, मंगलवार शाम को लातेहार के छिपादोहर थाना क्षेत्र स्थित बूढ़ा पहाड़ पर सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों ने लैंड माइंस ब्लास्ट कर पुलिस वाहन को उडा दिया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बू्ढ़ा पहाड़ के इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कुजरूम में करीब 30 की संख्या में माओवादियों का दस्ता मौजूद है। इसी सूचना के बाद पुलिस नक्सलियों की तलाश में निकली थी। करमडीह पुलिस पिकेट से कुछ ही दूरी पर 100 की संख्या में मौजूद नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद नक्सली पीछे हट गए। पुलिस के जवान नक्सलियों का पीछा करते हुए जैसे ही आगे बढ़े लैंड माइंस ब्लास्ट कर गया। पुलिस नक्सलियों के बिछाए जाल में फंस गई। घटना की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि नक्सलियों की संख्या की तुलना में पुलिस की तैयारी और खुफिया जानकारी नाकाफी थी।लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें!

टॅग्स :झारखंडनक्सलनक्सल हमला
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबेटी तेरे शरीर में क्यों हो रहा बदलाव, जांच में खुलासा?, 13 वर्षीय लड़की से कई बार बलात्कार, गर्भवती करने के आरोप में 35 वर्षीय आरोपी अरेस्ट

क्राइम अलर्टबेटे को ठीक करना है तो कुंवारी बेटी को बलि दो?, मां रेशमी देवी, तांत्रिक शांति देवी और भीम राम ने गला घोंटकर मार डाला

क्राइम अलर्टलोहे की रॉड से पीट-पीटकर पत्नी गांगी देवी को पति चितरंजन सिंह मुंडा ने मार डाला, किसी बात पर झगड़ा और ली जान

भारतछत्तीसगढ़ नक्सली समर्पणः सरकार चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं!

भारत'मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया': अमित शाह ने कांग्रेस से पूछा आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ?

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब