लाइव न्यूज़ :

धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों के सरकारी वित्त पोषण पर जानकारी मांगी

By भाषा | Updated: September 1, 2021 13:48 IST

Open in App

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरकार से मान्यता और सहायता प्राप्त धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों जैसे मदरसों आदि के सरकारी वित्त पोषण पर राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय भनोट की एकल पीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर एक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख छह अक्तूबर तय की है। पीठ ने राज्य सरकार से मान्यता और सहायता प्राप्त मदरसों और अन्य सभी धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रम, शर्तें, मान्यता के मानक आदि उपलब्ध कराने को कहा। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या ऐसे मान्यता और सहायता प्राप्त मदरसे छात्राओं को भी प्रवेश देते हैं। अदालत ने राज्य सरकार से अन्य संप्रदायों की धार्मिक शिक्षा दे रहे संस्थानों के विभिन्न अन्य शिक्षा बोर्डों के विवरण भी अपने हलफनामे में देने को कहा। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या धार्मिक शिक्षा दे रहे संस्थानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की नीति, संविधान की मंशा के अनुरूप है, खासकर भारत के संविधान की प्रस्तावना में लिखित धर्मनिरपेक्ष शब्द के आलोक में यह अनुरूप है। अदालत ने यह भी जानना चाहा है कि क्या अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी धार्मिक स्कूल चलाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है और क्या धार्मिक स्कूलों में विद्यार्थी के तौर पर आवेदन करने से महिलाओं को रोका गया है और यदि ऐसा है तो क्या इस तरह की रोक भेदभाव नहीं है। मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम ने विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अध्यापकों के अतिरिक्त पदों का सृजन करने का इस याचिका में अनुरोध किया है। अदालत ने ये निर्देश 19 अगस्त को पारित किया था और हाल ही में इसे अपलोड किया गया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतमृत पति की संपत्ति से भरण-पोषण का दावा कर सकती विधवा पत्नी?, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा-अपने ससुर से भी दावा कर सकती

भारत'शादीशुदा पुरुष का वयस्क महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अपराध नहीं'

भारतस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को यौन शोषण मामले में अग्रिम जमानत

भारत'संभल में नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें प्रशासन, इसमें कोई बाधा उत्पन्न करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट

भारतशंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाई कोर्ट से अंतरिम राहत, गिरफ्तारी पर रोक

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप