इंदौरः अगर आप इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सफर कर रहे हैं, तो चटपटे स्वाद वाले प्रसिद्ध मसाले ‘‘जीरावन’’ को अपने साथ विमान में नहीं ले जा सकते। हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि लाल मिर्च युक्त जीरावन को ‘‘हैंड बैगेज’’ (यात्रियों द्वारा उनके साथ विमान में ले जाया जाने वाला सामान) में प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के तय सुरक्षा मानकों के मुताबिक शामिल किया गया है। चश्मदीदों ने बताया कि यात्रियों को ‘‘हैंड बैगेज’’ में प्रतिबंधित वस्तुओं की जानकारी देने के लिए हवाई अड्डे पर बाकायदा एक शो-केस रखा गया है।
इसमें पिस्तौल, चाकू, कैंची, हथौड़ी और पेचकस जैसे हथियारों व औजारों के साथ जीरावन का पैकेट भी प्रदर्शित किया गया है। बहरहाल, यात्रियों के एक तबके ने ‘‘हैंड बैगेज’’ में प्रतिबंधित वस्तुओं की फेहरिस्त में जीरावन को शामिल किए जाने के फैसले को बेतुका बताया है, वहीं, इस कदम को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अकसर हवाई यात्रा करने वाले इंदौर के उद्यमी समीर शर्मा ने बताया,‘‘मैं दो दिन पहले जम्मू के सफर के लिए देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा था और हैंड बैगेज में प्रतिबंधित वस्तुओं के शो-केस में जीरावन का पैकेट देखकर चौंक गया। मैंने इस शो-केस में पहली बार जीरावन देखा।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘हैंड बैगेज’’ में प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में जीरावन को शामिल किए जाने का फैसला एकदम बेतुका है। शर्मा ने कहा,‘‘जीरावन एक चटपटा मसाला है और इसे लाल मिर्च सरीखे तीखे मसाले की श्रेणी में कतई नहीं रखा जा सकता।’’
जानकारों ने बताया कि जीरावन को जीरा, धनिया, सौंफ, लौंग, दालचीनी, लाल मिर्च, हींग, हल्दी, नमक, अमचूर आदि से बनाया जाता है और पोहे, सलाद व अन्य खाद्य पदार्थों पर छिड़ककर इसका चटपटा स्वाद लिया जाता है।