भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया, देखिए लिस्ट
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 1, 2026 18:12 IST2026-01-01T16:33:56+5:302026-01-01T18:12:06+5:30
मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक माध्यम से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।’’

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नई दिल्लीः तीन दशक से अधिक समय से जारी सिलसिले को बरकरार रखते हुए भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का बृहस्पतिवार को आदान-प्रदान किया। सूची का आदान-प्रदान ऐसे समय किया गया है जब पिछले साल मई में चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं।
Under the provisions of the bilateral Agreement on Consular Access 2008, India and Pakistan today exchanged, through diplomatic channels, simultaneously in New Delhi and Islamabad, the lists of civil prisoners and fishermen in each other’s custody.
— ANI (@ANI) January 1, 2026
India has shared lists with… pic.twitter.com/CwlkDOAgR5
India and Pakistan today exchanged, through diplomatic channels, simultaneously at New Delhi and Islamabad, the list of Nuclear Installations and facilities, covered under the Agreement on the Prohibition of Attack against Nuclear Installations and Facilities between India and… pic.twitter.com/QPZhAN1ugV
— ANI (@ANI) January 1, 2026
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूची का आदान-प्रदान परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोकने वाले एक समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ। इसने कहा कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच राजनयिक माध्यम से सूची का आदान-प्रदान एक साथ किया गया। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक माध्यम से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।’’ समझौते पर 31 दिसंबर, 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी, 1991 को यह लागू हुआ।
As a result of the sustained efforts by the Government of India, 2,661 Indian fishermen and 71 Indian civil prisoners have been repatriated from Pakistan since 2014. This includes 500 Indian fishermen and 13 Indian civilian prisoners who have been repatriated from Pakistan since…
— ANI (@ANI) January 1, 2026
समझौते के तहत दोनों देशों के बीच, हर वर्ष की पहली जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में एक-दूसरे को सूचित करने का प्रावधान है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान है। इस सूची का पहला आदान-प्रदान एक जनवरी, 1992 को हुआ था।’’
The Government of India has called for early release and repatriation of civil prisoners, fishermen along with their boats, and missing Indian defence personnel from Pakistan's custody. Pakistan has also been urged to expedite the release and repatriation of 167 Indian fishermen…
— ANI (@ANI) January 1, 2026
भारत ने पाकिस्तान से भारतीय कैदियों की स्वदेश वापसी में तेजी लाने का किया आह्वान
भारत ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों को उनकी जेल की सजा पूरी हो जाने के मद्देनजर उनकी रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने यहां कहा कि भारत ने पाकिस्तान को हिरासत में लिए गए उन 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा है, जिनके भारतीय होने का विश्वास है।
भारत ने यह अनुरोध दोनों देशों द्वारा नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों के आदान-प्रदान के संदर्भ में किया है, जो 2008 के एक समझौते के तहत हर वर्ष में एक जनवरी और एक जुलाई को किया जाता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों के नाम एवं विवरण पाकिस्तान के साथ साझा किए हैं,
जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का विश्वास है। इसी प्रकार, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों के विवरण भारत के साथ साझा किए हैं, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का विश्वास है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत सरकार ने पाकिस्तान को उसकी हिरासत से नागरिक कैदियों, मछुआरों एवं उनकी नौकाओं तथा गुम भारतीय रक्षाकर्मियों को शीघ्र रिहा करने और स्वदेश वापस भेजने का आह्वान किया है।’’ उसने कहा, ‘‘पाकिस्तान से यह भी अपील की गयी है कि वह अपनी सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाए।’’
भारत ने पाकिस्तान से विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई एवं स्वदेश वापसी होने तक उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। विदेश मंत्रालय ने कहा,‘‘भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप, 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है।’’