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बिहार में निगरानी विभाग की टीम ने मारा शिक्षा विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण के कई ठिकानों पर छापा, अकूत संपत्ति का हुआ खुलासा

By एस पी सिन्हा | Updated: September 11, 2025 17:43 IST

सूत्रों के मुताबिक निगरानी की टीम पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में उनके आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजात मिले हैं, जो उनके धनकुबेर होने का खुलासा करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

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पटना: बिहार में निगरानी विभाग की टीम ने गुरुवार की सुबह-सुबह शिक्षा विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण के पटना सहित कई ठिकानों पर छापा मारा। वीरेंद्र नारायण इस समय तिरहुत प्रमंडल में रीजनल डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर भी रह चुके हैं। उन पर 3 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी कड़ी में विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या 18/25 दिनांक 10.09.25 धारा 13(1)(बी) सह पठनीय 13(2) सह पठनीय 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं 61 (2)( ए) बी एन एस के अंतर्गत दर्ज की गई है।

सूत्रों के मुताबिक निगरानी की टीम पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में उनके आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजात मिले हैं, जो उनके धनकुबेर होने का खुलासा करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी जारी है और जल्द ही बरामद संपत्तियों और रकम का पूरा ब्योरा सामने आएगा। छापेमारी की यह कार्रवाई पटना के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई। 

बताया जा रहा है कि वीरेंद्र नारायण ने करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है। अब छापेमारी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागजात भी बरामद हुए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय उप निदेशक वीरेन्द्र नारायण आज से 71 दिन पहले तक वैशाली के जिला शिक्षा पदाधिकारी हुआ करते थे। शिक्षा विभाग ने इन्हें 30 जून को मुजफ्फरपुर प्रमंडल का क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक बनाया था। 

डीईओ वैशाली के पद पर रहने के दौरान वीरेन्द्र नारायण पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। वैशाली में पदस्थापन के दौरान जमकर माल उगाही की शिकायत ऊपर तक पहुंची थी। जानकार बताते हैं कि वैशाली में पोस्टिंग के दौरान वीरेन्द्र नारायण ने अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की। अब जाकर शिकंजा कसा है। वैसे, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक वीरेन्द्र नारायण अकेले अधिकारी नहीं हैं। 

हाल तक कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी रहे शिक्षा सेवा के अधिकारियों ने जमकर माल बनाया। शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों में संसाधन बढ़ाने के लिए करोड़ों रूपए दिए। काम कराने का जिम्मा जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया गया था। इन अधिकारियों ने कागज पर काम कराकर जमकर माल बनाया है। जांच एजेंसियों की छापेमारी में अकूत संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हो रहा है।

टॅग्स :बिहारएजुकेशन
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