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हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 55 लोगों की मौत तो उत्तराखंड में भूस्खलन से बढ़ी मुसीबत, भारी बारिश का 'रेड' अलर्ट जारी

By अंजली चौहान | Updated: August 15, 2023 16:12 IST

पिछले कुछ दिनों से दो राज्यों में लगातार बारिश के कारण राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही है। आईएमडी ने कहा कि 'रेड अलर्ट' अंततः घटकर 'ऑरेंज अलर्ट' हो जाएगा।

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ठळक मुद्देउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई लोगों की मौत हो गई है हिमाचल प्रदेश में 55 लोगों की मौत हो गई है आईएमडी ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है

शिमला: मानसून के साथ ही उत्तरी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। अब तक राज्य में बारिश के कारण कई बार भूस्खलन और हादसों की खबर सामने आ चुकी है।

इस बीच राज्य को लोगों फिलहाल बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।  भारतीय मौसम विभागन ने मंगलवार रात हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया, जिसमें कहा गया कि अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पिछले कुछ दिनों से दोनों राज्यों में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन राहत की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। आईएमडी ने कहा कि 'रेड अलर्ट' अंततः घटकर 'ऑरेंज अलर्ट' हो जाएगा।

राज्य में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और लगातार भारी बारिश के अन्य प्रभावों ने कई लोगों की जान ले ली है। वहीं, जान-माल दोनों का ही खूब नुकसान देखने को मिल रहा है। 

बारिश की वजह से स्वतंत्रता दिवस पर रोक

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक साधारण समारोह आयोजित किया गया था और उनके राज्य में आई आपदा के मद्देनजर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो रहा था।

सुक्खू ने कहा कि सोमवार को राज्य में भूस्खलन और लगातार बारिश के बाद से बारिश से संबंधित दुर्घटनाओं में लगभग 55 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा, ''राज्य में अब तक करीब 55 लोगों की जान जा चुकी है।"

उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लोगों को बचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। 

हिमाचल के शिमला में दो भूस्खलन स्थलों से अब तक चौदह शव बरामद किए गए हैं और अधिकारियों को डर है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं।

मौतों के मामले में दूसरे नंबर पर मंडी जिला है, जहां भूस्खलन के कारण 24 लोगों की मौत हो गई थी। चंडीगढ़-शिमला 4-लेन राजमार्ग सहित अन्य मुख्य सड़कें खोल दी गई है। 

उत्तराखंड में भूस्खलन से हालात बेकाबू 

बता दें कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में नाइट लाइफ पैराडाइज कैंप में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के अनुसार कि कल एक स्थानीय कॉलर ने पौड़ी पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया कि मोहनचट्टी के जोगियाना गांव में भारी बारिश के कारण नाइट लाइफ पैराडाइज कैंप भूस्खलन की चपेट में आ गया है। शिविर से चीखें सुनी जा सकती हैं जहां लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।

आईएमडी ने मंगलवार को कहा कि देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार को देशभर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और 10 लोग लापता बताए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में शुक्रवार से कम से कम 13 और लोग मारे गए हैं।

भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। 

जानकारी के अनुसार, इन तीर्थस्थलों की तीर्थयात्रा, जिसे चारधाम यात्रा के नाम से जाना जाता है, को दो दिनों की अवधि के लिए रोकना पड़ा।

सोमवार को प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध रहे, जिनमें कालका-शिमला, कीरतपुर-मनाली और पठानकोट-मंडी, धर्मशाला-शिमला मार्ग शामिल हैं। उत्तराखंड के जोशीमठ में ताजा दरारें दिखाई दीं, जिससे शहर के निवासियों में डर बढ़ गया है क्योंकि राज्य में भारी बारिश हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जोशीमठ के सुनील गांव में 16 परिवार खतरे में हैं, जिससे क्षेत्र में बड़े भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने देहरादून आवास पर राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण आई आपदा से उत्पन्न स्थिति के संबंध में अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने सोमवार को राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

टॅग्स :हिमाचल प्रदेशउत्तराखण्डभारतीय मौसम विज्ञान विभाग
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