Future-Reliance Agreement: Court agrees to hear Amazon's petition | फ्यूचर-रिलायंस समझौता : न्यायालय अमेजन की याचिका पर सुनवाई को सहमत
फ्यूचर-रिलायंस समझौता : न्यायालय अमेजन की याचिका पर सुनवाई को सहमत

नयी दिल्ली, 22 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने रिलायंस रिटेल व फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) समझौते के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अमेजन की याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमति दे दी। इसके साथ ही शीर्ष न्यायालय ने यथास्थिति बनाये रखने के उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के निर्देश पर रोक लगाते हुए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से रिलायंस के साथ एफआरएल के विलय पर कोई अंतिम फैसला नहीं पारित करने को कहा।

अमेरिका की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी ने उच्च न्यायालय की खंड पीठ के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। उच्च न्यायालय के उस आदेश से रिलायंस-एफआरएल सौदे का मार्ग प्रशस्त हुआ था।

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एनसीएलटी के समक्ष कार्यवाही को रोकने के लिए आदेश पारित करने का प्रस्ताव दिया। फ्यूचर समूह ने रिलायंस के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को विनियामक मंजूरी के लिए न्यायाधिकरण से संपर्क किया था।

फ्यूचर समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने हालांकि कहा कि न्यायालय के स्थगन आदेश से एनसीएलटी की कार्यवाही कम से कम छह सप्ताह लंबी खिंच जाएगी।

उनकी दलीलों को दर्ज करते हुए पीठ ने कहा कि एनसीएलटी की कार्यवाही चलती रहेगी लेकिन रिलायंस के साथ एफआरएल के विलय पर अंतिम आदेश जारी नहीं होगा।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन एवं न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड, अध्यक्ष किशोर बियानी एवं अन्य को नोटिस जारी कर इस संबंध में उनसे जवाब मांगा।

पीठ ने कहा कि अमेजन की याचिका पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दिया जाए और इसके दो सप्ताह बाद अमेजन की याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आठ फरवरी को एफआरएल एवं विभिन्न वैधानिक प्राधिकारियों को रिलायंस रिटेल के साथ हुए 24,713 करोड़ रुपये के समझौते के संबंध में यथास्थिति बरकरार रखने के अपनी एकल पीठ के आदेश पर रोक लगायी थी।

उच्च न्यायालय की एकल पीठ के दो फरवरी के आदेश के खिलाफ एफआरएल की याचिका पर यह अंतरिम आदेश आया था।

उच्च न्यायालय की पीठ ने आदेश पर रोक से संबंधित अमेजन के अनुरोध को भी खारिज कर दिया था। अमेजन ने उचित समाधान के लिए आदेश पर एक सप्ताह की रोक का अनुरोध किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Future-Reliance Agreement: Court agrees to hear Amazon's petition

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे