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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर नीतीश सरकार को फिर दिखाया आइना, कहा-गुजरात मॉडल लागू कीजिए

By एस पी सिन्हा | Updated: December 31, 2022 14:44 IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जानकारी नहीं है, मैं शराब से होने वाले नुकसान को समझा दूंगा।

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ठळक मुद्देशराबबंदी कानून की समीक्षा होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शराबबंदी पर सरकार को घेरा था।सरकार को कटघरे में खड़ा किये जाने के बाद सियासत गर्मा गई है।

पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के द्वारा शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सरकार को कटघरे में खड़ा किये जाने के बाद सियासत गर्मा गई है। मांझी ने कहा कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन एक ही बात को बार-बार कहने में ठीक नहीं लगता है। शराबबंदी कानून की समीक्षा होनी चाहिए। 

दरअसल, मांझी ने कहा है कि बिहार में भी गुजरात मॉडल लागू किया जाए और परमिट पर शराब दिया जाए। उनके इस पर बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जीतन राम मांझी से मिलने पर इसको लेकर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि शराब पीने से सिर्फ नुकसान ही होगा। चाहे कोई थोड़ा पिए या ज्यादा पिए।

लेकिन अगर मांझी इस तरह की बात कर रहे हैं तो आने दीजिये मैं उनसे पूछूंगा। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि मांझी को जानकारी नहीं होगी, मैं उन्हें शराब से होने वाले नुकसान को समझा दूंगा। वहीं, छपरा में हुई जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच हो रही है।

घटना के तुरंत बाद ही मैंने अधिकारियों को तत्काल जांच करने को कहा था कि ये घटना कैसे घटी? उन्होंने कहा कि अब जो गड़बड़ करेगा उसका क्या करेंगे ? ज्यादा लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं, लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग गलत काम करते हैं। कोई बाहर से शराब लेकर आ रहा है तो कोई राज्य में छिपकर गलत काम कर रहा है।

मैंने ये भी कहा है कि निर्दोष को नहीं पकड़ना है बल्कि जो गलत हैं उनके खिलाफ एक्शन लेने का निर्देश दिया है। वहीं उनके बिहार यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कोई भी यात्रा फायदे के लिए नहीं करता हूं। मेरी ये यात्रा बिहार के विकास को लेकर है। इस यात्रा के जरिये ये जानने की कोशिश की जाएगी कि बिहार में कितना विकास हुआ है?

अगर कहीं कोई कमी रह गई होगी तो उसे दूर करने की कोशिश की जाएगी। बता दें कि साल 2022 के समाप्ति के एक दिन पहले यानी शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शराबबंदी पर सरकार को घेरा था। उन्होंने शराबबंदी को लेकर गुजरात मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में भी परमिट पर शराब मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए।

टॅग्स :जीतन राम मांझीबिहारनीतीश कुमार
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