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लोकपाल के पास शिकायत दायर करने का प्रारूप जल्द ही किया जाएगा अधिसूचित: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

By भाषा | Updated: December 31, 2019 19:01 IST

अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2019 तक कुल 1065 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 1000 की सुनवाई की गई और उनका निपटारा किया गया। लोकपाल राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने वाली शीर्ष संस्था है। यह केंद्र सरकार के पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की समयबद्ध जांच करता है।

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ठळक मुद्देलोकपाल के पास शिकायत दायर करने का प्रारूप जल्द ही किया जाएगा अधिसूचितलोकपाल के आठ सदस्यों को 27 मार्च को न्यायमूर्ति घोष ने उनके पद की शपथ दिलाई थी।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार रोधी संस्था लोकपाल के पास शिकायत दायर करने के लिए एक प्रारूप (फॉर्मेट) जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। नियमों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक निर्दिष्ट फॉर्म में शिकायत दायर की जाएगी।

इस प्रारूप को अधिसूचित करने के संभावित समय के बारे में पूछे जाने पर कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘यह जल्द ही होगा।’’ कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने और अधिक विवरण देते हुए बताया कि इसने (मंत्रालय ने) शिकायत प्रारूप पर कानून मंत्रालय के साथ विचार विमर्श किया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने कानून मंत्रालय से आवश्यक सूचनाएं प्राप्त की हैं। मंत्रालय के अंदर कुछ चर्चा चल रही है और प्रारूप जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ’’ इस बीच, लोकपाल ने किसी भी प्रारूप में प्राप्त हुई सभी शिकायतों की पड़ताल की है।

ताजा अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2019 तक कुल 1065 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 1000 की सुनवाई की गई और उनका निपटारा किया गया। लोकपाल राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने वाली शीर्ष संस्था है। यह केंद्र सरकार के पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की समयबद्ध जांच करता है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 23 मार्च को न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष को लोकपाल के अध्यक्ष के तौर पर शपथ दिलाई थी। लोकपाल के आठ सदस्यों को 27 मार्च को न्यायमूर्ति घोष ने उनके पद की शपथ दिलाई थी। नियमों के मुताबिक लोकपाल पैनल में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्यों का प्रावधान है। इनमें से चार सदस्य न्यायिक सदस्य होंगे।

लोकपाल अधिनियम 2013 में पारित किया गया था। यह कुछ खास श्रेणी के सरकारी सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की निुयक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। 

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