लाइव न्यूज़ :

बिहार में जारी है बाढ़ का कहर, मचा है त्राहिमाम, 14 जिलों के करीब 50 लाख लोग हुए हैं प्रभावित

By एस पी सिन्हा | Updated: August 2, 2020 19:00 IST

विभिन्न जिलों में 19 राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां पर 27 हजार लोगों को रखा गया है और उन्हें जरूरी सामान मुहैया काराए जा रहे हैं.

Open in App
ठळक मुद्देबाढ़ से प्रभावित जिलों में सीतामढी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण आदि हैं।बाढ़ प्रभावित जिलों में सड़क मार्ग पर परिचालन काफी प्रभावित हुआ है. कई जिलों में तो ठप हो गया है.

पटना: बिहार में बाढ़ का प्रकोप हर दिन बढता जा रहा है और बाढ का कहर आम लोगों पर जारी है. बाढ़ के कारण 14 जिलों के करीब 50 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण लाखों लोग बेघर होकर सड़क किनारे अपना गुजारा कर रहे हैं. सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि राज्य के 14 जिलों के 112 प्रखंडों के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं. 

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रडु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि बाढ पीडितों के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं. बाढ प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद की जा रही है. अब तक बाढ से प्रभावित एक लाख 94 हजार परिवारों के खाते में 6-6 हजार की सहायता राशि भेज दी गई है.

बाकी प्रभावित लोगों के बीच पैसा भेजने का काम जारी है. बाढ प्रभावित लोगों के कई जगहों पर 1340 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 9 लाख लोग भोजन कर रहे हैं. विभिन्न जिलों में 19 राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां पर 27 हजार लोगों को रखा गया है और उन्हें जरूरी सामान मुहैया काराए जा रहे हैं.

बाढ़ से प्रभावित जिलों में सीतामढी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगडिया, सारण, समस्तीपुर, सीवान और मधुबनी शामिल हैं. बाढ़ प्रभावित जिलों में सड़क मार्ग पर परिचालन काफी प्रभावित हुआ है. कई जिलों में तो ठप हो गया है.

कई एनएच और एसएच के उपर से पानी बह रहा हैं. छपरा-मुजफ्फरपर एनएच 722 पर आवागमन को बंद हो गया है. मोतिहारी में एसएच 74 पर भी पानी के कारण गाड़ियों के परिचालन बंद है.

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को लेकर हो रही है. इसके अलावे मवेशियों को चारा जुटाने में काफी संघर्ष करना पड रहा हैं. फिलहाल नेपाल के तराई इलाके में बारिश बंद हो गई है. जिससे इन इलाकों में कुछ दिनों के बाद राहत मिल सकती है.

टॅग्स :बिहारबाढ़
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए