पूर्वी चंपारण में बन रहा विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर, 500 करोड़ की लागत, 500 सालों तक सुरक्षित,  33 फीट ऊंचा और 210 टन वजन शिवलिंग, जानें खासियत

By एस पी सिन्हा | Updated: January 9, 2026 17:33 IST2026-01-09T17:33:05+5:302026-01-09T17:33:48+5:30

विश्व का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और नई तकनीक का उपयोग हो रहा है।

East Champaran world's largest Ramayana temple built costing Rs 500 crore safe 500 years 33 feet high 210 tonne weight Shivling know special features | पूर्वी चंपारण में बन रहा विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर, 500 करोड़ की लागत, 500 सालों तक सुरक्षित,  33 फीट ऊंचा और 210 टन वजन शिवलिंग, जानें खासियत

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Highlightsमंदिर का निर्माण 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है। क्रेन 13 जनवरी तक मंदिर परिसर में पहुंचेगा।विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह से आयोजन को लेकर जानकारी ली।

पूर्वी चंपारणःबिहार में पूर्वी चंपारण जिले के चकिया-केसरिया पथ पर कैथवलिया में बन रहे विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को पेडेस्टर पर 33 फीट ऊंचा व 210 टन वजन वाला शिवलिंग को स्थापित किया जायेगा। वहीं, शिवलिंग को स्थापित करने के इए भोपाल से दो क्रेन मंगाया जा रहा है। आने वाला विशेष क्रेन 750 टन क्षमता वाला होगा। बता दें कि बन रहा विराट रामायण मंदिर वाकई बहुत मजबूत और भव्य होगा, जिसे 500 सालों तक सुरक्षित रहने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है। तीन मंजिला विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य 2025 के अंत तक लगभग 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा हो जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और नई तकनीक का उपयोग हो रहा है।

मंदिर का निर्माण 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य

मंदिर का निर्माण 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है। बताया गया कि क्रेन 13 जनवरी तक मंदिर परिसर में पहुंचेगा। पेडेस्टर पर शिवलिंग को रखने को लेकर व परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने निर्माणाधीन मंदिर परिसर में पहुंचकर की। निरीक्षण के दौरान विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह से आयोजन को लेकर जानकारी ली।

साथ ही वीआईपी पंडाल, गाडी पार्किंग व आवागमन को लेकर भी चर्चा की। साथ ही उक्त स्थल का निरीक्षण भी किया। हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक एवं पुष्प वर्षा के समय की भी जानकारी ली। लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में बन रहे विश्व के सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर का निर्माण बहुत तेजी से चल रहा है।

मंदिर में प्रभु श्रीराम का भव्य और विशाल मंदिर

इस मंदिर में प्रभु श्रीराम का भव्य और विशाल मंदिर बनाया जा रहा है, जिसमें नई तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। मंदिर का मुख्य गुंबद करीब 270 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की बनावट अष्टकोण यानी आठ कोणों वाली होगी। यह कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर से भी ऊंचा होगा। निर्माण में बेहतरीन क्वालिटी का सीमेंट, पानी, लोहे, पेंट और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा

ताकि मंदिर अगले 500 साल तक सुरक्षित और मजबूत बना रहे। मंदिर के पूरा होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में पार्किंग, दुकानें, यूनिवर्सिटी और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंदिर निर्माण से जुड़े इंजीनियर संतोष कुमार ने बताया कि इस मंदिर की भव्यता इतनी खास होगी कि दुनिया में ऐसा मंदिर पहले कभी नहीं बना है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और सभी लोग इस ऐतिहासिक कार्य का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। इंजीनियर ने बताया कि साज-सज्जा के लिए चुनार के पत्थरों का प्रयोग होगा, जिन पर काई नहीं लगती और वे वर्षा से खराब नहीं होते। मंदिर की दीवारों पर पत्थरों से रामायण के प्रसंगों को उकेरा जाएगा। 

Web Title: East Champaran world's largest Ramayana temple built costing Rs 500 crore safe 500 years 33 feet high 210 tonne weight Shivling know special features

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