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महाठग सुकेश की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, जेल अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

By अंजली चौहान | Updated: April 26, 2023 16:04 IST

महाठग सुकेश चंद्रशेखर की ओर से दायर याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की है।

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ठळक मुद्देसुकेश चंद्रशेखर द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई बुधवार को कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया मामले में अगली सुनवाई28 अप्रैल को होगी

नई दिल्ली: धन शोधन मामले में जेल में सजा काट रहा महाठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई की है।

उच्च न्यायालय ने सुकेश की याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें जेल अधिकारियों द्वारा उसे दी गई सजा को चुनौती दी गई थी।

दरअसल, जेल अधिकारियों ने एक आदेश जारी कर 1 मई से 15 मई 2023 तक परिवार से मिलने या फोन पर बात करने जैसी सुविधाएं पर रोक लगा दी है जिसके बाद सुकेश को इस दौरान परिवार से या किसी निजी शख्स से बात करने मिलने और कैंटीन की सुविधा ग्रहण करने की अनुमति नहीं होगी। 

हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया और याचिका पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अतिरिक्त स्थायी वकील नंदिता राव ने नोटिस को स्वीकार कर लिया।

कोर्ट में सुकेश के वकील अनंत मलिक ने कहा कि सुकेश को उनकी बात सुने बिना सजा दी गई जो कि नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लघंन है। यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि याचिकाकर्ता की मां का परिवार बेंगलुरु में रहता है। ऐसे में यह सजा जरूरी नहीं है और इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। 

28 अप्रैल को मामले में होगी सुनवाई 

गौरतलब है कि कोर्ट में अब 28 अप्रैल को सुनवाई होने की तारीख तय की गई है। 

इस बीच अतिरिक्त स्थायी वकील नंदिता राव ने इसका विरोध किया और तर्क दिया कि मामले में कोई तात्कालिकता नहीं है उन्होंने कहा कि वह स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगी। 

जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष प्रार्थना की है कि उप कारागार उपाधीक्षक, मंडोली के कार्यालय द्वारा पारित दिनांक 17.04.2023 के आदेश को रद्द करने के साथ-साथ उक्त आदेश के निष्पादन पर तत्काल याचिका के न्यायनिर्णय तक रोक लगाई जाए।

याचिका में कहा गया है कि जेल उपाधीक्षक ने मनमाने ढंग से, गलत तरीके से और बिना किसी दिमाग के आवेदन के याचिकाकर्ता के खिलाफ कैंटीन सुविधा और मुलाकात/ फोन कॉल सुविधा से 15 दिनों के लिए वंचित करने के लिए दंड दिए हैं।

सुकेश की याचिका में कहा गया है कि जेल अधीक्षक इस तथ्य से अच्छी तरह वाकिफ थे कि ये सुविधाएं एकमात्र माध्यम हैं जिसके माध्यम से याचिकाकर्ता अपनी मां से बात कर सकता है जो कि बैंगलोर में रह रही है।

याचिका में कहा गया है कि सुकेश को राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में कैदी होने के कारण जान से मारने की धमकी मिल रही है।

बता दें कि  सुकेश चंद्रशेखर पर दिल्ली पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। वह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में भी आरोपी है। फिलहाल वह जेल में सजा काट रहा है। 

टॅग्स :दिल्ली हाईकोर्टमनी लॉऩ्ड्रिंग मामलादिल्ली पुलिस
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