नई दिल्ली: कुरैशी समाज के 100 साल पुराने राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया जमीयतुल क़ुरेश ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फिल्म प्रोड्यूसर जीनत कुरैशी (Zeenat Kureshi) को अपनी विमेंस सेल की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। दिल्ली में आयोजित एक समारोह में संगठन के नेशनल प्रेसिडेंट सिराजुद्दीन कुरैशी ने जीनत कुरैशी को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर नेशनल जनरल सेक्रेटरी मुहम्मद शफीक कुरैशी सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि जीनत को दो वर्षों के लिए सेंट्रल कमेटी में विमेंस सेल का नेतृत्व सौंपा गया है और उन्हें लेकर संगठन आशान्वित है।
दिल्ली में सम्मान, गांव से ग्लोबल पहचान तक
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जीनत कुरैशी को हाल ही में दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विशेष सम्मान से नवाज़ा गया था। यह सम्मान उन्हें फिल्म, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए दिया गया था।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी जीनत कुरैशी ने एक ऐसा सफर तय किया है, जिसमें सिनेमा, संवाद और समाज तीनों की यात्रा शामिल है। बकौल जीनत, देश से लेकर विदेश तक पहुंचना उनके अथक परिश्रम और निरंतर संघर्ष का परिणाम है।
गीत, टॉक शो और कैमरे के पीछे की कहानी
जीनत कुरैशी (Zeenat Kureshi) एक फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगीत पर काम किया है। हाल ही में रिलीज़ हुए उनके म्यूज़िक वीडियो ‘औकात’, जिसे शंकर सहानी ने आवाज़ दी है, को युवाओं के बीच खासा सराहा गया।
इसके साथ ही वे ‘Unfold with Zeenat’ नामक एक टॉक शो से भी जुड़ी रही हैं, जहां सिनेमा, संस्कृति और समाज से जुड़े मुद्दों पर खुली बातचीत होती है। यह मंच खास तौर पर सिनेमा जगत को अपनी बात रखने का अवसर देता है।
महिला नेतृत्व से संगठन को नई दिशा की उम्मीद
जमीयतुल क़ुरेश के नेशनल प्रेसिडेंट सिराजुद्दीन कुरैशी ने उम्मीद जताई कि जीनत कुरैशी अपने अनुभव के जरिए कुरैशी समाज की महिलाओं की शिक्षा, रोज़गार और सामाजिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगी। संगठन का मानना है कि फिल्म और समाज की समझ रखने वाला नेतृत्व विमेंस सेल को राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रभावी बना सकता है।
अपने संक्षिप्त संबोधन में जीनत कुरैशी (Zeenat Kureshi) ने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान से अधिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे अपने रचनात्मक और मीडिया अनुभव का इस्तेमाल समाज की महिलाओं की आवाज़ को आगे लाने और उन्हें संगठित मंच देने के लिए करेंगी।