लाइव न्यूज़ :

अमीर देशों को कोविड-19 वैक्सीन बेचकर हर मिनट करीब 50 लाख रुपये का लाभ कमा रहीं दिग्गज कंपनियां, जानिए कौन हैं ये कंपनियां...

By विशाल कुमार | Updated: November 16, 2021 15:37 IST

ये चौंकाने वाले खुलासे कोविड-19 वैक्सीन की व्यापक पहुंच का अभियान चलाने वाले समूह पीपुल्स वैक्सीन अलायंस (पीवीए) ने इन कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट के आधार पर किए हैं.

Open in App
ठळक मुद्देतीनों कंपनियों ने कुल मिलाकर इस साल 25 खरब रुपये का लाभ कमाया।हर सेकेंड करीब 75 हजार रुपये का लाभ कमा रही तीनों कंपनियां।पीवीए ने कहा कि 8 अरब डॉलर की सार्वजनिक फंडिंग हासिल करने के बाद भी यह हाल।

नई दिल्ली: एक तरफ जहां गरीब देश कोविड-19 वैक्सीन की पर्याप्त खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ फाइजर, बायोएनटेक और मॉडर्ना जैसी दिग्गज फॉर्मा कंपनियां अपनी कोविड-19 वैक्सीन को अमीर देशों को बेचकर हर मिनट 48.39 लाख रुपये कमा रही हैं.

ये चौंकाने वाले खुलासे कोविड-19 वैक्सीन की व्यापक पहुंच का अभियान चलाने वाले समूह पीपुल्स वैक्सीन अलायंस (पीवीए) ने इन कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट के आधार पर किए हैं.

अलायंस का मानना है कि इन कंपनियों ने कुल मिलाकर इस साल 25 खरब रुपये का लाभ कमाया जो कि हर सेकेंड करीब 75 हजार रुपये, हर मिनट 48.39 लाख रुपये और हर दिन करीब सात अरब रुपया होता है.

पीवीए ने कहा कि 8 अरब डॉलर से अधिक की सार्वजनिक फंडिंग हासिल करने के बावजूद, फाइजर, बायोएनटेक और मॉडर्ना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के माध्यम से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में उत्पादकों को वैक्सीन प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया है।

अफ्रीकी गठबंधन और पीपुल्स वैक्सीन एलायंस अफ्रीका के माजा सीयूम ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि कुछ ही कंपनियां हर घंटे लाखों डॉलर का मुनाफा कमा रही हैं, जबकि कम आय वाले देशों में सिर्फ दो फीसदी लोगों को ही कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी तरह से टीका लगाया गया है.

कम आय वाले देशों में केवल दो फीसदी टीकाकृत

पीवीए ने कहा कि फाइजर और बायोएनटेक ने कम आय वाले देशों को अपनी कुल आपूर्ति का एक प्रतिशत से भी कम वितरित किया है जबकि मॉडर्ना ने केवल 0.2 प्रतिशत की आपूर्ति की है। वर्तमान में, कम आय वाले देशों में 98 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका नहीं लगाया गया है।

तीनों कंपनियों के विपरित एस्ट्राजेनेका और जॉनसन एंड जॉनसन ने गैर-लाभकारी आधार पर अपने टीके उपलब्ध कराए हैं. हालांकि दोनों ने घोषणा की है कि वे भविष्य में इस व्यवस्था को समाप्त कर देंगे क्योंकि महामारी खत्म होने की ओर बढ़ रही है।

बौद्धिक संपदा अधिकारों से छूट देने में अड़ंगा लगा रहे अमीर देश

पीवीए फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशनों से विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स समझौते के प्रस्तावित छूट पर सहमत होकर कोविड टीकों के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों को तुरंत निलंबित करने का आह्वान कर रहा है।

अमेरिका सहित 100 से अधिक देशों ने इस कदम का समर्थन किया है, लेकिन ब्रिटेन और जर्मनी जैसे अमीर देश इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं।

टॅग्स :कोविड-19 इंडियाकोरोना वायरसPfizerWHO
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए