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Coronavirus: कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित सेक्टरों में मीडिया: पीएचडीसीसीआई रिपोर्ट

By भाषा | Updated: May 24, 2020 05:46 IST

रिपोर्ट में कहा गया कि मीडिया कोविड-19 महामारी के कारण सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। पीएचडीसीसीआई ने “कोविड परिदृश्य में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग का दृष्टिकोण” शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा, “प्रिंट मीडिया का प्रसार महत्वपूर्ण रूप से घटा है और उसे विज्ञापन से होने वाली आय में भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।

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ठळक मुद्देपीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने शनिवार को अपनी एक शोध रिपोर्ट कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया सबसे बुरी तरह प्रभावित सेक्टरों में से एक है और इस दौरान विज्ञापनों से आने वाले उसके राजस्व में भारी गिरावट हुई है।यह रिपोर्ट संस्था के अध्यक्ष डी के अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सौंपी गई।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने शनिवार को अपनी एक शोध रिपोर्ट कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया सबसे बुरी तरह प्रभावित सेक्टरों में से एक है और इस दौरान विज्ञापनों से आने वाले उसके राजस्व में भारी गिरावट हुई है। यह रिपोर्ट संस्था के अध्यक्ष डी के अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सौंपी गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि मीडिया कोविड-19 महामारी के कारण सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। पीएचडीसीसीआई ने “कोविड परिदृश्य में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग का दृष्टिकोण” शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा, “प्रिंट मीडिया का प्रसार महत्वपूर्ण रूप से घटा है और उसे विज्ञापन से होने वाली आय में भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन राजस्व में भी भारी कमी आई है और बाहर विज्ञापन का काम देखने वाले मीडिया के भी सभी ऑर्डर रद्द हो गए हैं क्योंकि लॉकडाउन की वजह से सड़कों पर कोई यातायात नहीं है, वहीं इवेंट के क्षेत्र से जुड़े लोगों की मुसीबत भी इस दौरान काफी बढ़ गईं क्योंकि इस अवधि में किसी कार्यक्रम की इजाजत नहीं थी।”

पीएचडीसीसीआई ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, उसके व्यापार, उद्योग और नागरिकों के जीवन को व्यापक रूप से बाधित किया है। इसमें कहा गया कि कोई उद्योग या अर्थव्यवस्था का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जो इससे प्रभावित न हुआ हो।

संस्था ने कहा कि सरकार से अनुरोध है कि रिपोर्ट में की गई अनुशंसा पर अतिशीघ्र अमल करे। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग पर कोविड-19 का एक अहम प्रभाव इसके कारण हुई अस्थिरता और मीडिया के सभी क्षेत्रों में विज्ञापन राजस्व का गिरना है।

संस्था के अध्यक्ष डी के अग्रवाल ने कहा कि रेडियो, टेलीविजन, प्रिंट, आउटडोर (ओओएच) घर के बाहर मीडिया (आउट ऑफ होम मीडिया) के विज्ञापन राजस्व में काफी गिरावट आई है। पीएचडीसीसीआई ने कहा कि विज्ञापन राजस्व में गिरावट से इस उद्योग को बड़ा खतरा है क्योंकि मीडिया के लिए वही आय का प्रमुख स्रोत है।

संस्था ने सरकार से अनुरोध किया कि वह अपने वार्षिक विज्ञापन बजट का पूर्व उपयोग करे। सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों, कॉरपोरेट और उद्योगों को भी अपने उपभोक्ताओं तक प्रभावी रूप से पहुंच के लिये विज्ञापन अभियान शुरू करने चाहिए।

अग्रवाल ने कहा, “हम सरकार से अनुरोध करते है कि वह सभी अन्य मंत्रालयों, डीएवीपी, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निर्देश दे कि वह समूचे मीडिया उद्योग के बकाये का भुगतान करें जो एक बड़ी रकम होगी।” उन्होंने कहा कि सरकार को बंद के दौरान की अवधि के लिये मीडिया के उन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करना चाहिए जो कर्मचारी राज्य बीमा निगम के साथ पंजीकृत हैं।

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