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Coronavirus: डर के आगे मंदी है! मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: March 15, 2020 06:14 IST

राजस्थान के अनेक लोग मुंबई, दिल्ली सहित अनेक महानगरों में कार्य-व्यवसाय करते हैं. कोरोना वायरस के खतरे के चलते इन शहरों में सुरक्षा के नजरिए से कई तरह के जरूरी प्रतिबंध लगाए गए हैं, किन्तु इन प्रतिबंधों ने मुंबई जैसे शहरों की व्यावसायिक गतिविधियों पर ब्रेक लगा दिया है, जिसके नतीजे में राजस्थान से वहां गए लोगों, प्रमुखरूप से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होता जा रहा है.

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ठळक मुद्देकोरोना वायरस की गिरफ्त में आने वाले लोगों का जीवन तो संकट में है लेकिन इसके कारण कई अप्रभावित लोगों के लिए भी आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैंं.उनके लिए किराया, घर-खर्च आदि बड़े सवाल बनते जा रहे हैं.

कोरोना वायरस की गिरफ्त में आने वाले लोगों का जीवन तो संकट में है लेकिन इसके कारण कई अप्रभावित लोगों के लिए भी आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो दैनिक कमाई पर निर्भर हैं और महानगरों में विभिन्न काम कर रहे हैं. उनके लिए किराया, घर-खर्च आदि बड़े सवाल बनते जा रहे हैं.

राजस्थान के अनेक लोग मुंबई, दिल्ली सहित अनेक महानगरों में कार्य-व्यवसाय करते हैं. कोरोना वायरस के खतरे के चलते इन शहरों में सुरक्षा के नजरिए से कई तरह के जरूरी प्रतिबंध लगाए गए हैं, किन्तु इन प्रतिबंधों ने मुंबई जैसे शहरों की व्यावसायिक गतिविधियों पर ब्रेक लगा दिया है, जिसके नतीजे में राजस्थान से वहां गए लोगों, प्रमुखरूप से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होता जा रहा है.

इधर, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेशानुसार कोरोना वायरस के सक्रंमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रदेश के समस्त राजकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान (विद्यालय, महाविद्यालय ,मदरसे आदि ) कोचिंग संस्थान, जिम, सिनेमाघर, थियेटर आदि 30 मार्च, 2020 तक बंद रहेंगे.

अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग रोहित कुमार सिंह का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को 'पेनडेमिक' घोषित कर दिया गया है.

उनका कहना है कि इस दौरान विद्यालयों में चल रही बोर्ड परीक्षाएं, महाविद्यालयों में चल रही वार्षिक परीक्षाएं आदि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आयोजित की जाएंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल, फार्मेंसी, नर्सिंग कॉलेज तथा जिन विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है, उन संस्थाओं द्वारा कोरोना वायरस से रोकथाम के संबंध मे भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की पालना सख्ती से सुनिश्चित करनी होगी. उन्होनें कहा कि मेडिकल, फार्मेंसी, नर्सिंग कॉलेजों पर उक्त रोक लागू नहीं होगी.

इस वक्त जो भी संस्थान बंद प्रभावित हैं, उन पर प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से निर्भर लोगों के लिए- डर के आगे मंदी है, इसलिए जानकारों का मानना है कि सरकार को इस दिशा में भी सोचना चाहिए और ऐसे लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए.

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