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कोरोना संकटः यहां कोविड-19 के गंभीर मरीजों के लिए सार्थक साबित हो रही है प्लाज्मा थेरेपी

By रामदीप मिश्रा | Updated: August 12, 2020 07:01 IST

बीकानेर पीबीएम अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहम्मद सलीम ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते इस 22 वर्षीय मरीज के फेफड़ों की स्थिति क्रिटिकल थी। लगातार चार दिन प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने के बाद अब संक्रमण की स्थिति में सुधार आया है।

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ठळक मुद्दे राजस्थान बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में भर्ती गंभीर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।इस थैरेपी के इस्तेमाल से 22 वर्षीय अरबाज के स्वास्थ्य में काफी सुधार आ सका है।

जयपुर: कोरोना का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। लाख कोशिशों के बावजूद भी संक्रमण को रोकना मुश्किल हो रहा है। इस बीच कोविड-19 से ग्रस्त गंभीर मरीजों की जान बचाने में प्लाज्मा थेरेपी सार्थक साबित हो रही है। राजस्थान बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में भर्ती गंभीर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस थैरेपी के इस्तेमाल से 22 वर्षीय अरबाज के स्वास्थ्य में काफी सुधार आ सका है।

बीकानेर पीबीएम अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहम्मद सलीम ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते इस 22 वर्षीय मरीज के फेफड़ों की स्थिति क्रिटिकल थी। लगातार चार दिन प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने के बाद अब संक्रमण की स्थिति में सुधार आया है। उनका कहना है कि यदि इस मरीज को समय पर प्लाज्मा थेरेपी नहीं मिल पाती तो उसका जीवन बचाना संभव नहीं था। मरीज को रेमेडिसीविर  के साथ-साथ प्लाज्मा थेरेपी दी गई है। इससे मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

बीकानेर जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि गंभीर मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके ऎसे लोग जिनकी अंतिम रिपोर्ट नेगटिव आए 28 दिन पूरे हो चुके हैं, वे अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। 

बीकानेर जिला कलेक्टर ने संक्रमण से स्वस्थ हो चुके लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की। मेहता ने कहा कि इस बड़े स्वास्थ्य संकट के समय जब तक इस बीमारी से बचने का कोई पुख्ता इलाज सामने नहीं आ जाता प्लाज्मा थेरेपी गंभीर रोगियों का जीवन बचाने में अहम होगी। ऎसे में स्वस्थ हो चुके मरीज इस परोपकार के इस काम में अधिक से अधिक जुड़े और अपना प्लाज्मा डोनेट करें और लोगों के जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाएं।

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