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Coronavirus: यूपी में कोरोना संक्रमितों के 234 केस आए सामने, तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के 94 मामले

By भाषा | Updated: April 5, 2020 05:49 IST

बुलेटिन के मुताबिक सबसे अधिक 58 मामले गौतम बुद्ध नगर के हैं। आगरा में 44, मेरठ में 25, गाजियाबाद में 14, सहारनपुर में 13, लखनऊ में दस, कानपुर में सात, बरेली, शामली और महाराजगंज में छह छह, बस्ती और वाराणसी में पांच पांच, फिरोजाबाद और हाथरस में चार चार, आजमगढ, बुलंदशहर, जौनपुर, प्रतापगढ़ और गाजीपुर में तीन तीन, पीलीभीत, बागपत और मिर्जापुर में दो दो तथा लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, हापुड़, हरदोई, शाहजहांपुर और बांदा में एक एक मामला सामने आया है।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 234 मामले सामने आये हैं और इनमें से 94 मामले तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के हैं। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की ओर से शनिवार शाम जारी बुलेटिन में बताया गया कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 234 मामले सामने आये हैं।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 234 मामले सामने आये हैं और इनमें से 94 मामले तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के हैं। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की ओर से शनिवार शाम जारी बुलेटिन में बताया गया कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 234 मामले सामने आये हैं।

बुलेटिन के मुताबिक सबसे अधिक 58 मामले गौतम बुद्ध नगर के हैं। आगरा में 44, मेरठ में 25, गाजियाबाद में 14, सहारनपुर में 13, लखनऊ में दस, कानपुर में सात, बरेली, शामली और महाराजगंज में छह छह, बस्ती और वाराणसी में पांच पांच, फिरोजाबाद और हाथरस में चार चार, आजमगढ, बुलंदशहर, जौनपुर, प्रतापगढ़ और गाजीपुर में तीन तीन, पीलीभीत, बागपत और मिर्जापुर में दो दो तथा लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, हापुड़, हरदोई, शाहजहांपुर और बांदा में एक एक मामला सामने आया है।

प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''21 लोग पूर्णतया उपचारित हो चुके हैं। जो एक्टिव मामले हैं, उनका इलाज विभिन्न चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों में हो रहा है। 94 मामले तबलीगी जमात से जुडे लोगों के हैं।'' उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की वजह से पिछले दो दिनों में संक्रमण प्रभावित जनपदों की संख्या काफी बढ़ी है।

कुल मिलाकर इस समय मेडिकल पृथक इकाई में 3029 लोग हैं। जो लोग दूसरे राज्यों से आये थे और जिनको किसी आश्रय स्थल में ठहराया गया है, वो संख्या अलग है । प्रसाद ने बताया कि ‘‘हम निगरानी के बाद इस पर काबू पाने की बहुत आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। पिछले दो तीन दिनों में हमने जो देखा है, कई जनपदों में संक्रमण गया है तो जरूरी है उसे बढ़ने नहीं दिया जाए इसलिए जो भी संक्रमित व्यक्ति है, उनके जो भी नजदीकी लोग हैं या हाल में जिनसे उनका निकट संपर्क हुआ है, उन सभी लोगों को हम लोग मेडिकल पृथक इकाई में ला रहे हैं और उनकी जांच करा रहे हैं ताकि समुदाय में संक्रमण और ना बढ़े।’’

उन्होंने बताया कि जो लोग विदेश से प्रदेश में आये हैं, वैसे 57963 लोग निगरानी में रखे गये हैं । इनमें से 41506 अपने 28 दिन पूरे कर चुके हैं । विदेश से लौटकर आने वालों को हम 28 दिन तक निगरानी में रखते हैं । अगर उनमें कोई लक्षण नहीं आते तो उनकी निगरानी समाप्त हो जाती है । प्रमुख सचिव ने कहा, ‘‘इस संक्रमण से घबराने की आवश्यकता नहीं है । इससे हमें सावधान रहना है, बचाव करना है और इसके लिए हैंड वाशिंग साबुन और पानी से और मेलजोल से दूर रहना सबसे कारगर उपाय है । इसके अलावा इम्युनिटी को मजबूत करने के उपाय करने चाहिए । तुलसी अदरख का काढ़ा, नीम की पत्ती का सेवन, गिलोय का सेवन जैसे पारंपरिक उपाय करने चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि अगर किसी ऐसी जगह जा रहे हैं, जहां कुछ लोग हो सकते हैं तो मास्क लगाना उपयुक्त है । इससे अगर आप संक्रमित हैं तो आप दूसरों को संक्रमित नहीं करेंगे और यदि दूसरा संक्रमित है तो उससे आपको संक्रमण नहीं लगेगा । मुंह, आंख और नाक से संक्रमण जाता है । ये भी बचाव का मजबूत तरीका है । प्रसाद ने कहा कि जिनके पास मास्क है, वो मास्क लगा सकते हैं । गांवों में अगर मास्क उपलब्ध ना हों तो गमछे को मुंह पर लगा सकते हैं । लड़कियां दुपटटे को लगा सकती हैं । साड़ी का पल्लू लगाया जा सकता है । रूमाल लगाया जा सकता है । इन्हें दो तीन चार लेयर बनाकर लगाया जा सकता है । इससे संक्रमण से बचाव होगा ।

उन्होंने बताया, ‘‘हमारी रणनीति है कि हम निगरानी पर बहुत जोर दे रहे हैं। उसके बाद जहां भी कोई लक्षण मिल रहे हैं, वहां जितने भी ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स’ हैं चाहे एएनएम हों, आशा हों, आंगनबाडी वर्कर्स हों, ये लोग घर घर जा रहे हैं और पूछ रहे हैं। अगर लक्षण मिलते हैं तो तुरंत डाक्टर से सलाह लेने की हिदायत दी जा रही है । अगर किसी में ज्यादा कोई लक्षण आये हों तो पृथक इकाई में ला रहे हैं। जांच करा रहे हैं। अगर संक्रमित मिले तो इलाज किया जा रहा है ।’’

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