लाइव न्यूज़ :

नूंह में 'सांप्रदायिक हिंसा' भड़काने के आरोप में कांग्रेस विधायक मम्मन खान गिरफ्तार

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 15, 2023 10:59 IST

हरियाणा के नूंह में बीते 31 जुलाई को दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक हिंसा को कथिततौर पर भड़काने के आरोप में कांग्रेस विधायक मम्मन खान गिरफ्तार किया गया है।

Open in App
ठळक मुद्देनूंह हिंसा को कथिततौर पर भड़काने के आरोप में कांग्रेस विधायक को पुलिस ने किया गिरफ्तार हरियाणा की विशेष पुलिस ने कांग्रेस विधायक मम्मन खान को जयपुर से गिरफ्तार किया था कांग्रेस विधायक मम्मन खान को पेशी के लिए तीन बार नोटिस जारी की गई थी लेकिन वो फरार थे

गुरुग्राम: हरियाणा के नूंह में बीते 31 जुलाई को दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक हिंसा को कथिततौर पर भड़काने के आरोप में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कांग्रेस विधायक मम्मन खान गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक हरियाणा पुलिस की एक विशेष टीम ने विधायक मम्मन खान को जयपुर से गिरफ्तार किया है।

कांग्रेस विधायक खान पर आरोप है कि उन्होंने नूंह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा के लिए समुदाय विशेष के लोगों को उकसाने का काम किया है। गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधायक को शुक्रवार को नूंह के जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

खबरों के अनुसार एसआईटी ने इससे पहले 25 अगस्त को नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक मम्मन को हिंसा उकसाने के आरोप में नोटिस जारी किया था और उन्हें 31 अगस्त को जांच में शामिल होने के लिए कहा था।

एसआईटी के इस नोटिस के जवाब में विधायक मम्मन खान ने मेडिकल सर्टिफिकेट भेजकर एसआईटी अधिकारियों को बताया कि वह बुखार से पीड़ित हैं। इस कारण से दिये समय पर पेश नहीं हो सकते हैं। इसके बाद एसआईटी ने उन्हें 5 सितंबर और फिर 10 सितंबर को दो अलग-अलग नोटिस भेजकर पेश होने को कहा, लेकिन तीन नोटिस जारी होने के बाद भी वो एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हुए।

कांग्रेस विधायक मम्मन ने एसआईटी द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की, जिसमें तर्क दिया गया कि मामले की जांच उच्च अधिकारियों की निगरानी में की जानी चाहिए।

हाई कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस तो जारी किया लेकिन साथ ही मम्मन को आदेश दिया कि वो इस मामले में निचली अदालत में अपनी याचिका दायर करें। हाईकोर्ट ने मामले में उन्हें 19 अक्टूबर को अगली तारीख दी थी। विधायक की ओर से कहा गया कि वह क्षेत्र में नहीं हैं। जबकि दूसरी ओर पुलिस ने घटना वाले दिन ही हिंसा में उनकी संलिप्तता के सारे साक्ष्य जुटा लिए थे।

मालूम हो कि बीते 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह जिले में बृजमंडल यात्रा के दौरान दो पक्षों में जमकर हिंसा हुई थी, जिसकी आग देखते ही देखते गुरुग्राम, पलवल, रेवाड़ी, सोनीपत और फरीदाबाद सहित अन्य इलाकों में फैल गई थी। उस हिंसा में हुए भयानक टकराव में कुल छह लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो होम गार्ड और एक मौलवी भी शामिल हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

टॅग्स :नूँहहरियाणाPoliceजयपुरकांग्रेसCongress
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

क्राइम अलर्ट16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा किया और रेप?, गोवा निवासी भाई छोटू अरेस्ट

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतBilaspur Nikay Chunav Results: कुल 11 सीट और भाजपा ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीट पर दर्ज की जीत?

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र